डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर): सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत हटवा बुजुर्ग इन दिनों विकास कार्यों में बरती जा रही भारी अनियमितताओं के कारण चर्चा में है। यहाँ विकास की गाथा कागजों पर तो खूब लिखी जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। पूरी ग्राम पंचायत भ्रष्टाचार के दलदल में धंसी नजर आ रही है, और जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
कागजों पर काम, मौके पर 'गायब' मजदूर
ताजा मामला ग्राम पंचायत में हो रहे तालाब खुदाई कार्य का है। जब मौके की पड़ताल की गई, तो चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं। तालाब खुदाई स्थल पर नरेगा योजना का अनिवार्य 'शाइन बोर्ड' मानक के विपरीत कहीं दूर फेंका हुआ मिला, जिससे कार्य की पारदर्शिता पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।
हैरानी की बात तो यह है कि जब मौके का निरीक्षण किया गया, तो वहां एक भी मजदूर काम करता नहीं मिला। वहां मौजूद कुछ लोगों से जब इस बारे में पूछताछ की गई, तो वे सवालों से बचते नजर आए और गोल-मोल जवाब देकर बात को टालने की कोशिश की। काम न होने के बावजूद मजदूरों की हाजिरी और भुगतान का दावा करना, एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है।
अधिकारियों की चुप्पी, सवालों के घेरे में प्रशासन
इस पूरे मामले पर जब ग्राम पंचायत के उच्च अधिकारियों की उदासीनता देखी गई, तो स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। जब इस विषय में संबंधित VDO श्रीश कुमार से दूरभाष पर स्पष्टीकरण मांगा गया, तो उन्होंने मामले से अवगत कराने का आश्वासन तो दिया, लेकिन धरातल पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अधिकारियों की यह चुप्पी कई सवाल खड़े करती है:
- क्या बिना काम कराए सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही है?
- नरेगा जैसे संवेदनशील कार्य में नियमों की अनदेखी क्यों की जा रही है?
- जिला प्रशासन इस गंभीर अनियमितता पर संज्ञान क्यों नहीं ले रहा है?
स्थानीय ग्रामीण अब उच्च अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। देखना यह है कि क्या प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागेगा या फिर कागजों पर विकास का यह खेल यूं ही जारी रहेगा।
बस्ती मंडल न्यूज लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है। आगे की अपडेट के लिए जुड़े रहें।


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