डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर):
विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच डुमरियागंज विकास खंड की एक महत्वपूर्ण सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। महुआरा से बेवा-भारतभारी मार्ग को जोड़ने वाली लगभग दो किलोमीटर लंबी यह सड़क वर्तमान में राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। आलम यह है कि कभी पक्की रही यह सड़क अब पूरी तरह उजड़ चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है।
एक दर्जन गांवों का मुख्य संपर्क मार्ग ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित यह मार्ग बगडीहवा होते हुए महुआरा तक जाता है। यह सड़क केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों के लिए आवागमन का मुख्य जरिया है। सड़क की खस्ताहाली के कारण दो पहिया और चार पहिया वाहनों का निकलना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
PWD की अनदेखी: गिट्टियां गायब, गड्ढे बेहिसाब ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा कराया गया था, लेकिन निर्माण के बाद विभाग इसे भूल गया। लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण सड़क की गिट्टियां उखड़ कर गायब हो चुकी हैं। स्थानीय निवासी नसीम, मुकेश और कृष्णा वर्मा का कहना है कि यह पक्की सड़क अब कच्ची सड़क से भी बदतर नजर आती है।
ग्रामीणों में आक्रोश, जनप्रतिनिधियों से नाराजगी सड़क की दुर्दशा को लेकर क्षेत्र के राम सवारे, इश्तियाक, मुनव्वर हुसैन और नरेश कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि:
चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद कोई सुध नहीं लेता।
आए दिन इन गड्ढों की वजह से राहगीर चोटिल हो रहे हैं।
बरसात के दिनों में यह मार्ग पूरी तरह तालाब बन जाता है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस मार्ग का अविलंब पुनरुद्धार कराया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को नारकीय जीवन से मुक्ति मिल सके।
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