आंकड़ों की जुबानी: जिले में कितना है 'स्टॉक'?
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि अम्बेडकरनगर में आवश्यक वस्तुओं का बैकअप पूरी तरह सुरक्षित है। वर्तमान में जिले का आधिकारिक स्टॉक इस प्रकार है:
एलपीजी सिलेंडर: 8,601 घरेलू सिलेंडर उपलब्ध।
डीजल: 2,226 किलो लीटर का भंडार।
पेट्रोल: 1,830 किलो लीटर का स्टॉक मौजूद।
छोटू सिलेंडर: प्रवासी श्रमिकों और छोटे दुकानदारों के लिए 784 'छोटू' (5 किग्रा) कमर्शियल सिलेंडर भी एजेंसियों पर उपलब्ध हैं।
मार्च की बुकिंग और DAC नंबर का पेच सुलझा
उपभोक्ताओं को आ रही सबसे बड़ी तकनीकी समस्या का भी समाधान कर लिया गया है। दरअसल, मार्च 2026 में की गई बुकिंग के डीएसी (DAC) नंबर नए वित्तीय वर्ष (2026-27) के शुरू होते ही तकनीकी कारणों से निष्क्रिय (Inactive) हो गए थे।
समाधान: गैस कंपनियों ने पुराने डीएसी को री-एक्टीवेट कर नए नंबर जारी कर दिए हैं।
डिलीवरी: अब गैस एजेंसियां क्रमवार श्रेणी के आधार पर उपभोक्ताओं से संपर्क कर रही हैं और होम डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है।
'छोटू' सिलेंडर: रेहड़ी-पटरी वालों के लिए बड़ी राहत
प्रशासन ने बताया कि जो लोग बड़े सिलेंडर का बोझ नहीं उठा सकते या जिनके पास स्थायी पते के दस्तावेज कम हैं, वे अपनी आईडी दिखाकर संबंधित गैस एजेंसी से 5 किलोग्राम वाला कमर्शियल 'छोटू' सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। यह विशेष रूप से रेहड़ी लगाने वालों और प्रवासी मजदूरों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है।
एजेंसियों को सख्त चेतावनी: धारा 3/7 के तहत होगी जेल
जिला पूर्ति अधिकारी शिवकांत पांडेय ने जनपद की सभी गैस एजेंसियों को कड़ा निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को नियमानुसार वितरण सुनिश्चित करना एजेंसी की जिम्मेदारी है। यदि किसी एजेंसी ने कृत्रिम अभाव पैदा किया या वितरण में अनियमितता बरती, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी

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