बस्ती। विदेश जाकर मोटी कमाई करने का सपना देखने वाले युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाने वाले एक संगठित ठग गिरोह का बस्ती पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। नगर थाना पुलिस, एसओजी (SOG) और सर्विलांस टीम की संयुक्त घेराबंदी में बिहार के रहने वाले दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से पुलिस ने नौ असली पासपोर्ट, फर्जी वीजा की छाया प्रतियां और नकदी बरामद की है। यह गिरोह अब तक दर्जनों लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर चुका है।
अक्सड़ा चौराहे के पास बिछाया गया जाल
अपर पुलिस अधीक्षक श्याम कांत के कुशल निर्देशन में चलाए जा रहे 'अपराधी धड़पकड़' अभियान के तहत पुलिस को सूचना मिली कि ठगी करने वाले दो संदिग्ध व्यक्ति क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं। सोमवार सुबह नगर थाना पुलिस और एसओजी की टीम ने अक्सड़ा चौराहे के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश कर रहे दो व्यक्तियों को जवानों ने मुस्तैदी से दबोच लिया।
बिहार के बगहा से जुड़े हैं ठगी के तार
पकड़े गए आरोपियों की पहचान जहांगीर अंसारी (39 वर्ष) और आजाद अंसारी (43 वर्ष) के रूप में हुई है। ये दोनों मूल रूप से पश्चिमी चंपारण (बिहार) के बगहा स्थित अंसारी टोला के निवासी हैं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी पेशेवर ठग हैं और इनका नेटवर्क उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में फैला हुआ है।
ठगी का 'मोडस ऑपेरंडी': पंपलेट से फंसाते थे शिकार
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने ठगी के सनसनीखेज तरीके का खुलासा किया है:
- फर्जी ऑफिस: ये शातिर अपराधी घनी आबादी वाले इलाकों में किराए पर कमरा लेकर अस्थायी ऑफिस खोलते थे ताकि लोगों को विश्वास हो सके।
- प्रचार-प्रसार: विदेश भेजने के नाम पर ये लुभावने पंपलेट छपवाकर बंटवाते थे, जिसमें खाड़ी देशों में भारी वेतन वाली नौकरियों का लालच दिया जाता था।
- वसूली: प्रति व्यक्ति से पासपोर्ट और वीजा व अन्य खर्चों के नाम पर करीब डेढ़ लाख रुपये की डिमांड की जाती थी।
- दिल्ली में फंसती थी गाड़ी: पर्याप्त संख्या में लोगों से पैसे वसूलने के बाद ये उन्हें 'फर्जी वीजा' थमाकर दिल्ली एयरपोर्ट भेज देते थे। जब दिल्ली में जांच के दौरान वीजा फर्जी निकलता और लोग वापस लौटते, तब तक ये अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर और लोगों के असली पासपोर्ट लेकर फरार हो जाते थे।
पुलिस की बड़ी बरामदगी
गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से पुलिस को निम्नलिखित सामान मिला है:
- 09 असली पासपोर्ट (जो इन्होंने ठगे गए लोगों से लिए थे)।
- 10 फर्जी वीजा की छायाप्रतियां।
- 05 हजार रुपये नकद।
"पूरा नेटवर्क होगा ध्वस्त" - एएसपी श्याम कांत
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह गिरोह अत्यंत शातिर है। पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है जिनके पासपोर्ट इन ठगों के पास मिले हैं। साथ ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों और दिल्ली में बैठे उनके संपर्कों की भी तलाश तेज कर दी गई है। इस सफल कार्रवाई में नगर थाना प्रभारी और एसओजी प्रभारी की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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