मेंहदावल (संतकबीरनगर): जनपद के मेंहदावल थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। रजिस्ट्री कराकर लौट रहे दो सगे भाइयों पर जानलेवा हमला कर 85 हजार रुपये लूट लिए गए, लेकिन आरोप है कि मेंहदावल पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बजाय पीड़ितों को ही धमकाकर थाने से भगा रही है। थक-हारकर पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप मीना से न्याय की गुहार लगाई है।
लोहे के रॉड और चाकू से किया हमला
धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के टोटहा गांव निवासी सुरेश चंद्र यादव के अनुसार, बुधवार शाम उनके भाई उमेश और अशोक बिसौआ चौराहा पुल के पास से गुजर रहे थे। तभी बेलवनवा निवासी तीन बदमाशों (प्रदीप, सोनू और विशाल) ने उन पर हमला कर दिया। बदमाशों ने लोहे की रॉड और चाकू से वार किए, जिससे दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान बदमाश उनसे 85 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए।
थानेदार पर आरोप: "तहरीर बदलो वरना लिख दूंगा फर्जी केस"
पीड़ित पक्ष का आरोप बेहद संगीन है। उनका कहना है कि ग्रामीणों की मदद से दो बदमाशों को पकड़कर पुलिस को सौंपा गया था, लेकिन मेंहदावल थानाध्यक्ष ने मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया।
- लापरवाही: आरोप है कि पुलिस ने घायलों का मेडिकल तक नहीं कराया।
- धमकी: पीड़ित ने बताया कि थानाध्यक्ष उन्हें तहरीर बदलने का दबाव बना रहे हैं और मना करने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।
पुलिस का पक्ष
दूसरी ओर, मेंहदावल थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। पुलिस का कहना है कि यह मामला लूट का नहीं बल्कि दो पक्षों के बीच मारपीट का है और जांच की जा रही है।

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