अम्बेडकरनगर। (संवाददाता: मृत्युंजय शर्मा) जनपद के जैतपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में हुए एक किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। बाल न्यायालय/अपर सत्र न्यायालय ने दोषी बाल अपचारी को 7 साल के कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शादी का झांसा देकर किया था अपहरण
मामला 5 सितंबर 2017 की रात का है, जब जैतपुर क्षेत्र की एक 15 वर्षीय किशोरी (कक्षा 9 की छात्रा) को पड़ोस के गांव का एक किशोर शादी का झांसा देकर अपने साथ लखनऊ ले गया था। परिजनों के मुताबिक, आरोपी पहले भी फोन पर अश्लील बातें करता था और मना करने पर अभद्रता पर उतारू हो जाता था। लखनऊ ले जाने के बाद आरोपी ने किशोरी को अपने साथियों के हवाले कर दिया, जो उसे लखीमपुर ले गए थे।
पॉक्सो एक्ट के तहत हुई सुनवाई
पुलिस विवेचना के दौरान मामले में अपहरण और दुष्कर्म के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धाराएं जोड़ी गई थीं। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, मोहन कुमार की अदालत में मामले की लंबी सुनवाई चली। गवाहों और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने बाल अपचारी को दोषी करार दिया।
अर्थदंड का 75% हिस्सा मिलेगा पीड़िता को
न्यायालय ने सजा के साथ 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आदेश के अनुसार, इस जुर्माने की कुल राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा। इस फैसले से क्षेत्र में कानून के इकबाल और महिला सुरक्षा के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

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