अम्बेडकरनगर। (संवाददाता: मृत्युंजय शर्मा) जनपद के टाण्डा कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी रविशंकर जायसवाल पर अपने सगे चाचा का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर पैतृक संपत्ति हड़पने की कोशिश का गंभीर आरोप है।
अस्पताल के बजाय घर पर दिखाई मौत
पूरा मामला टाण्डा के मीरानपुरा निवासी शचीन्द्र जायसवाल की शिकायत से शुरू हुआ। शचीन्द्र के पिता उमाशंकर जायसवाल का निधन 7 सितंबर 2017 को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ में हुआ था, जिसका वैध प्रमाण पत्र परिजनों के पास मौजूद था। लेकिन, आरोपी रविशंकर ने साल 2022 में नगर पालिका परिषद टाण्डा से एक दूसरा फर्जी प्रमाण पत्र जारी करवा लिया, जिसमें उसने दावा किया कि उसके चाचा की मौत घर पर हुई थी।
जालसाजी के पीछे करोड़ों की संपत्ति का खेल
पीड़ित शचीन्द्र के अनुसार, उनके पिता करीब 35-36 साल पहले ही अपने भाइयों से अलग रहने लगे थे। परिवार की कई कीमती पैतृक संपत्तियां आज भी राजस्व अभिलेखों में उनके पिता और दादा के नाम दर्ज हैं। आरोपी रविशंकर ने छलपूर्वक शपथ पत्र देकर खुद को वारिस दिखाने और जमीन कब्जाने की नीयत से यह फर्जीवाड़ा किया था।
पुलिस ने चौक घंटाघर से दबोचा
धोखाधड़ी की पुष्टि होने के बाद टाण्डा पुलिस ने जाल बिछाया और नामजद अभियुक्त रविशंकर जायसवाल को चौक घंटाघर के पास से धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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