बस्ती मंडल न्यूज़ | संवाददाता: पवन कुमार
संतकबीरनगर। जनपद के पुलिस विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने शनिवार को एएचटीयू (AHTU) प्रभारी इंस्पेक्टर आलोक कुमार सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इंस्पेक्टर पर विभागीय कार्यों में लापरवाही, ऑनलाइन गूगल मीट और महत्वपूर्ण बैठकों से गायब रहने के गंभीर आरोप लगे हैं।
गूगल मीट से गायब रहने और 'बहस' की चर्चा
सूत्रों और विभागीय चर्चाओं के अनुसार, मामला केवल मीटिंग से अनुपस्थित रहने तक सीमित नहीं रहा। बताया जा रहा है कि शनिवार रात गूगल मीट समाप्त होने के बाद एसपी ने इंस्पेक्टर आलोक सोनी को कैंप कार्यालय बुलाया था। चर्चा है कि इस दौरान पुलिस अधीक्षक और इंस्पेक्टर के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई, जिसे एसपी ने घोर अनुशासनहीनता माना।
मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया जिला अस्पताल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने इंस्पेक्टर को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉ. एस.के. श्रीवास्तव ने उनका परीक्षण किया। मेडिकल रिपोर्ट की पुष्टि के लिए सैंपल को बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर भेजा गया है।
ईद की ड्यूटी के बीच हुई कार्रवाई
एक पक्ष यह भी सामने आ रहा है कि इंस्पेक्टर आलोक सोनी की रविवार सुबह 5 बजे से दुधारा थाना क्षेत्र में ईद पर्व को लेकर ड्यूटी लगी थी। हालांकि, अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते ड्यूटी से पहले ही निलंबन की यह बड़ी गाज उन पर गिर गई।
पुलिस अधीक्षक का आधिकारिक वर्जन
एसपी संदीप कुमार मीना ने स्पष्ट किया कि:
- इंस्पेक्टर आलोक कुमार सोनी विभागीय कार्यों में रुचि नहीं ले रहे थे।
- बार-बार महत्वपूर्ण बैठकों और ऑनलाइन गूगल मीट से अनुपस्थित पाए गए।
- अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, इसलिए उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
विभाग में बना चर्चा का विषय
थाना प्रभारी स्तर के अधिकारी पर इस तरह की अचानक हुई कार्रवाई ने जिले के अन्य पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के बीच खलबली मचा दी है। विशेषकर एसपी आवास पर हुई कथित बहस को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।

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