रवींद्र भट्ट | बस्ती मंडल न्यूज़
सल्टौआ (बस्ती)। जनपद के सल्टौआ ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) अमरौली शुमाली में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुलती नज़र आ रही है। बस्ती मंडल न्यूज़ के संवाददाता रवींद्र भट्ट की पड़ताल में सामने आया है कि यहाँ लाखों की लागत से स्थापित एक्स-रे मशीन वर्षों से शोपीस बनी हुई है, जिसका लाभ क्षेत्र की जनता को नहीं मिल पा रहा है।
कागजों में 'दुरुस्त' पर हकीकत में 'खराब'
स्थानीय निवासी अभिषेक, आकाश और रोशनी ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जब से यह मशीन अस्पताल में आई है, तब से आज तक एक भी मरीज़ का एक्स-रे नहीं किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीण इसे भ्रष्टाचार का खेल बता रहे हैं। आरोप है कि मशीन को कागजों में 'वर्किंग' दिखाकर बजट का बंदरबांट किया जा रहा है, जबकि हकीकत में मशीन पर धूल की मोटी परत जमी है।
जिम्मेदारों की चुप्पी और 'स्टेबलाइजर' का बहाना
जब इस बदहाली पर अस्पताल प्रशासन से जवाब माँगा गया, तो डॉक्टर कैमरे के सामने आने से बचते नज़र आए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार कन्नौजिया ने आधिकारिक बयान देने से इनकार कर दिया, हालांकि उन्होंने दबी ज़ुबान में स्वीकार किया कि मशीन में 'स्टेबलाइजर' की समस्या है जिसकी रिपोर्ट सीएमओ को भेजी गई है। वहीं, डॉ. संतोष कुमार का कहना है कि वे बार-बार पत्राचार करते हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
मरीज़ों की मुसीबत: न डॉक्टर, न सुविधा
अस्पताल में केवल एक्स-रे मशीन ही मुद्दा नहीं है। यहाँ आने वाले मरीज़ों ने बताया कि डॉक्टरों के केबिन अक्सर खाली मिलते हैं और इलाज के लिए घंटों इंतज़ार करना पड़ता है। गरीब मरीज़ मजबूरी में निजी सेंटरों पर महंगे दामों में एक्स-रे कराने को मजबूर हैं।
CMO ने दिया जांच का आश्वासन
इस पूरे मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. राजीव निगम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वे अधीक्षक से इस संबंध में रिपोर्ट तलब करेंगे और जल्द ही जांच कराकर मशीन को क्रियाशील कराएंगे।

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