बस्ती मंडल न्यूज,भानपुर (बस्ती) [30 जुलाई 2026]: उपजिलाधिकारी (SDO) न्यायालय भानपुर के आदेश के बावजूद एक गरीब और वृद्ध महिला को अपनी ही जमीन की पैमाइश के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मौजा बरड़ाडनानकार की पीड़ित बुजुर्ग महिला श्रीमती उर्मिला देवी की गाटा संख्या 10 के सीमांकन और पत्थर नसब का आदेश कोर्ट ने 27 जून 2026 को ही दे दिया था। अदालत ने साफ तौर पर तहसीलदार भानपुर को निर्देशित किया था कि 15 दिन के भीतर मौके पर पत्थर नसब कराकर आख्या कोर्ट में प्रस्तुत की जाए। लेकिन न्यायालय के इस कड़े आदेश की समय-सीमा बीते हफ्तों हो चुके हैं और धरातल पर कार्रवाई पूरी तरह शून्य है。
पीड़ित परिवार का आरोप है कि संबंधित राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) लगातार तारीख पर तारीख देकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। पीड़ित के पास कानूनगो की बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। इस रिकॉर्डिंग में कानूनगो पहले इसी सप्ताह पैमाइश करने की बात कह रहे थे, लेकिन अब अपनी बात से पलटते हुए आगामी 5 अगस्त को आने की बात कह रहे हैं। एक गरीब और लाचार बुजुर्ग महिला को इस तरह बार-बार दौड़ाना सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पीड़ित पक्ष ने खुले तौर पर आरोप लगाया है कि राजस्व निरीक्षक द्वारा जानबूझकर मामले को लटकाया जा रहा है और इस टालमटोल के पीछे उनकी मंशा धन उगाही करने की है। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब वे कोर्ट की फीस और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर चुके हैं, तो फिर पैमाइश में इतनी देरी क्यों की जा रही है? इस हठधर्मिता और भ्रष्टाचार की बू आने वाले रवैये से तंग आकर पीड़ित ने बस्ती मंडल के उच्चाधिकारियों, कमिश्नर और जिलाधिकारी (DM) से मामले की लिखित शिकायत करने का मन बनाया है। पीड़ित ने मांग की है कि कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने और कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने वाले इस राजस्व निरीक्षक के खिलाफ तत्काल कड़ी विभागीय कार्रवाई (Departmental Action) की जाए और किसी अन्य निष्पक्ष अधिकारी से जल्द से जल्द उनकी जमीन की पैमाइश कराई जाए।


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