बस्ती: डीएम के औचक निरीक्षण में खुली स्कूलों की पोल; बच्चों की थाली में मिलीं जली रोटियां, प्रधानाध्यापिका को नोटिस

 



बस्ती मंडल न्यूज डेस्क | बस्ती

जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना ने शुक्रवार को परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान मिड-डे-मील की खराब गुणवत्ता और शिक्षण कार्य में लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

डारीडीहा में मिलीं जली रोटियां

​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जब कम्पोजिट विद्यालय डारीडीहा पहुंचीं, तो वहां मिड-डे-मील (MDM) व्यवस्था में भारी लापरवाही उजागर हुई। बच्चों को परोसी जा रही रोटियां जली हुई और बेहद खराब गुणवत्ता की थीं। इसे बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ मानते हुए डीएम ने तत्काल प्रधानाध्यापिका अनीता द्विवेदी और संबंधित रसोइयों को 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी करने के निर्देश दिए।

देवमी स्कूल में गंदगी और बंद कंप्यूटर लैब

​इससे पहले जिलाधिकारी ने पीएम श्री विद्यालय देवमी (विकास खंड बनकटी) का जायजा लिया। वहां की मुख्य कमियां इस प्रकार रहीं:

  • गंदगी पर फटकार: विद्यालय परिसर में फैली गंदगी को देख डीएम ने प्रशासन को तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की चेतावनी दी।
  • शिक्षकों को चेतावनी: कक्षा-7 में छात्रों की कम उपस्थिति पर बीएसए अनुप तिवारी को संबंधित शिक्षकों को चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया।
  • धूल फांक रहे कंप्यूटर: विद्यालय को मिले कंप्यूटर लैब उपकरण एक सप्ताह से स्थापित नहीं किए गए थे। डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह के भीतर लैब संचालित करने का अल्टीमेटम दिया।

स्पेशल एजुकेटर की सराहना

​जहाँ एक ओर कमियां मिलीं, वहीं आंगनबाड़ी में कार्यरत स्पेशल एजुकेटर प्रतीक्षा के बेहतर कार्यों और बच्चों के प्रति उनके समर्पण की जिलाधिकारी ने खुले मन से सराहना भी की।

डीएम का सख्त संदेश

​जिलाधिकारी ने स्पष्ट लहजे में कहा कि बच्चों के भोजन, स्वच्छता और शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों पर आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Close Menu