बस्ती मंडल न्यूज डेस्क | संतकबीर नगर

संतकबीर नगर जिला उपभोक्ता आयोग ने मोबाइल नेटवर्क कंपनी एयरटेल के मनमाने रवैये पर सख्त फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी को न केवल बंद सिम तत्काल चालू करने का निर्देश दिया है, बल्कि उपभोक्ता को मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलने के एवज में 30 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है।

क्या है पूरा मामला?

​खलीलाबाद निवासी राज नारायण मिश्र पिछले 15 वर्षों से बीएसएनएल का एक मुख्य नंबर इस्तेमाल कर रहे थे, जो उनके बैंक खातों और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ा था। सिम में समस्या आने पर उन्होंने उसे पोस्टपेड कराया और बाद में नेटवर्क की बेहतर सुविधा के लिए एयरटेल (Airtel) में पोर्ट करा लिया।

पोर्ट के बाद शुरू हुई परेशानी

  • बकाये का खेल: उपभोक्ता ने 4 अप्रैल 2025 को 1,872 रुपये देकर सालभर का रिचार्ज कराया। कुछ दिन बाद सिम बंद हो गया। कंपनी ने पहले 100 रुपये और फिर 314 रुपये का बकाया बताया।
  • पेमेंट के बाद भी सिम बंद: उपभोक्ता ने विवादों से बचने के लिए बताई गई राशि जमा कर दी, लेकिन इसके बावजूद एयरटेल ने उनका नंबर चालू नहीं किया।
  • बीएसएनएल का इनकार: बीएसएनएल कार्यालय ने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से कोई बकाया नहीं है और नंबर एयरटेल की ओर से ही बंद किया गया है।

आयोग ने लगाई कड़ी फटकार

​उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह और महिला सदस्य संतोष ने मामले की सुनवाई करते हुए इसे सेवा में गंभीर लापरवाही माना। आयोग ने पाया कि उपभोक्ता को बिना किसी ठोस कारण के परेशान किया गया।

आयोग का फैसला:

  1. मुआवजा: कंपनी उपभोक्ता को 30 हजार रुपये हर्जाना देगी।
  2. तत्काल सेवा बहाल: बंद किए गए सिम को तत्काल सक्रिय (Activate) करना होगा।
  3. लागत: वाद व्यय के रूप में भी अतिरिक्त राशि का भुगतान करना पड़ सकता है।

बस्ती मंडल न्यूज की सलाह: उपभोक्ता अधिकारों के प्रति रहें सजग

​यदि कोई कंपनी आपकी वाजिब शिकायतों को अनसुना करती है या पोर्टिंग के नाम पर मानसिक शोषण करती है, तो आप भी जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटा सकते हैं। यह फैसला उन टेलीकॉम कंपनियों के लिए एक सबक है जो ग्राहकों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेतीं।