अम्बेडकरनगर: घरेलू एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने और सही उपभोक्ता तक सिलेंडर पहुंचाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिले में अब बिना OTP (वन टाइम पासवर्ड) के गैस की डिलीवरी नहीं होगी। जिला आपूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2026 तक के पुराने सभी डिलीवरी ऑथराइजेशन कोड (DAC) अब रद्दी हो चुके हैं।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
जिला आपूर्ति अधिकारी शिवाकांत पांडेय के अनुसार, अब उपभोक्ताओं को नया DAC कोड प्रस्तुत करना होगा। यह कोड बुकिंग के तुरंत बाद नहीं, बल्कि गैस एजेंसी के स्टॉक और आपकी बारी (सीनियरिटी) के आधार पर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।
- बारी का इंतजार: यदि आपका बुकिंग नंबर 846 है और एजेंसी रोज 120 सिलेंडर बांटती है, तो आपका नंबर आने पर ही सिस्टम स्वतः कोड जनरेट करेगा।
- लॉक अवधि: ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 45 दिन और शहरी क्षेत्रों के लिए 25 दिन की लॉक अवधि तय की गई है।
कालाबाजारी करने वालों पर 'बस्ती मंडल न्यूज़' की नजर
प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि कोई भी गैस एजेंसी सीधे गोदाम से गैस नहीं बेचेगी। यदि कहीं भी कालाबाजारी या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महत्वपूर्ण जानकारी:
- नया नियम: 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी।
- बुकिंग के तरीके: मोबाइल ऐप, मिस्ड कॉल या व्हाट्सएप के जरिए बुकिंग पर भी OTP अनिवार्य।
- प्रशासनिक अलर्ट: क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक लगातार एजेंसियों की जांच कर रहे हैं।

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