बस्ती: जनपद के जिला महिला अस्पताल के ठीक सामने वाली गली इन दिनों 'मरीज माफियाओं' का अड्डा बन चुकी है। यहाँ भोले-भाले मरीजों को बहला-फुसलाकर न केवल निजी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है, बल्कि अवैध जांच केंद्रों पर उनकी जेब भी ढीली की जा रही है। ताज्जुब की बात यह है कि पास ही पुलिस की मौजूदगी के बावजूद यह काला खेल सरेआम जारी है।
खुफिया कैमरे में कैद हुआ काला सच
सोमवार दोपहर जब जमीनी हकीकत खंगाली गई, तो चौंकाने वाले दृश्य सामने आए:
- दुकानों में अस्पताल का खेल: एक बिना बोर्ड वाली दुकान में भारी मात्रा में 'श्रीराम मेडिकल एंड मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल' के लेटर पैड मिले। यहाँ से मरीजों को निजी अस्पतालों में शिफ्ट करने का नेटवर्क चलाया जा रहा था।
- अवैध अल्ट्रासाउंड और लैब: ठीक सामने वाली दुकानों में बिना किसी विशेषज्ञ डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड मशीनें और पैथोलॉजी लैब धड़ल्ले से चलती मिलीं। टीम को देखते ही कई संचालक मरीजों को बीच में छोड़कर भाग निकले।
धमकी और हनक का वीडियो रिकॉर्ड
जांच के दौरान एक युवक ने खुद को किसी संगठन का जिलाध्यक्ष बताते हुए कवरेज रोकने की कोशिश की और कैमरे के सामने ही धमकी दी। माफियाओं की यह दबंगई बताती है कि उन्हें प्रशासन का कोई डर नहीं है। हैरानी की बात यह है कि डायल 112 की गाड़ी पास में ही खड़ी थी, लेकिन इन अवैध गतिविधियों पर किसी की नज़र नहीं पड़ी।
सीएमओ का सख्त रुख
मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने इसे बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि "मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पूरे प्रकरण की जांच कराकर इन अवैध केंद्रों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।"
बस्ती मंडल न्यूज़ डेस्क

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