मनरेगा के पैसे में 'खेल' करना प्रधान और सचिव को पड़ा भारी, डीएम ने दिया ₹61,880 की वसूली का आदेश

 



मिठवल (सिद्धार्थनगर): जनपद के मिठवल विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भरवटिया चैनपुर में मनरेगा कार्यों में हुई वित्तीय अनियमितता पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। तीन इंटरलॉकिंग सड़कों के निर्माण में मिली धांधली के बाद डीएम ने ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक से कुल 61,880 रुपये की वसूली के आदेश जारी किए हैं।

वसूली का गणित

  • ग्राम प्रधान (महमूद): 20,627 रुपये (भू-राजस्व की तरह वसूली होगी)।
  • सचिव और तकनीकी सहायक: शेष राशि इन दोनों से बराबर-बराबर वसूली जाएगी।

इन तीन कार्यों में पकड़ी गई चोरी

​लोकपाल मनरेगा की जांच में भरवटिया चैनपुर की तीन सड़कों में मानकों की धज्जियां उड़ाई गई थीं:

  1. घटिया टाइल्स: रहमतुल्ला के घर से अमीनुल्लाह के घर तक बनी सड़क में खराब टाइल्स लगाई गईं, जिससे सड़क पर घास उग आई और टाइल्स टूट गईं। (अनियमितता: ₹15,925)
  2. ईंट की राबिस का खेल: रियाज के खेत से पुल तक सड़क निर्माण में 40 मिमी ओबीबी के स्थान पर घटिया ईंट की राबिस डाल दी गई। (अनियमितता: ₹27,352)
  3. पुरानी नाली का नाप: मुस्ताक के घर से नहर तक के कार्य में पुरानी बनी हुई एजिंग को भी नए माप में जोड़कर सरकारी धन निकालने की कोशिश की गई। (अनियमितता: ₹18,603)

9 महीने की चुप्पी पड़ी भारी

​जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने 26 अगस्त 2025 को प्रधान को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया था। लेकिन प्रधान ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। प्रशासन ने इस चुप्पी को अपराध की स्वीकारोक्ति माना और अब उत्तर प्रदेश पंचायतराज अधिनियम की धारा 27 के तहत रिकवरी का आदेश दे दिया है।

प्रशासन की चेतावनी

​जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी धन का दुरुपयोग और मानकविहीन विकास कार्य किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इस कार्रवाई से अन्य पंचायतों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

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