सावधान बस्ती! शेयर मार्केट के नाम पर 12 लाख की महाठगी, मूड़घाट के युवक को भारी मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने लगाया चूना

 



बस्ती। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहाँ बैंकिंग और निवेश आसान हुआ है, वहीं साइबर अपराधियों के जाल भी उतने ही घातक होते जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद से साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन और आम जनता की नींद उड़ा दी है। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मूड़घाट निवासी एक युवक को शेयर मार्केट में निवेश कर रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाना इतना भारी पड़ा कि उसे अपनी गाढ़ी कमाई के 12 लाख रुपये से हाथ धोना पड़ा।

​मुनाफे की लालच और ठगी का चक्रव्यूह

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के मूड़घाट निवासी रविपाल पटेल को अज्ञात साइबर ठगों ने सोशल मीडिया या फोन के माध्यम से अपने जाल में फंसाया। ठगों ने खुद को शेयर मार्केट का विशेषज्ञ बताते हुए रविपाल को विश्वास दिलाया कि यदि वह उनके बताए गए प्लेटफॉर्म पर निवेश करते हैं, तो उन्हें बहुत कम समय में भारी मुनाफा (High Returns) मिलेगा।

​शुरुआत में रविपाल ने कुछ राशि निवेश की, जिस पर ठगों ने एक फर्जी ऐप या वेबसाइट के माध्यम से उन्हें 'वर्चुअल प्रॉफिट' (आभासी लाभ) दिखाया। अपना पैसा बढ़ता देख रविपाल ठगों के झांसे में पूरी तरह आ गए और धीरे-धीरे विभिन्न माध्यमों से कुल 12,05,041 रुपये (बारह लाख पांच हजार इकतालीस रुपये) निवेश कर दिए।

​जब पैसा निकालने की बारी आई, तो उड़ गए होश

​ठगी का असली चेहरा तब सामने आया जब रविपाल ने अपने निवेश किए गए पैसे और उस पर हुए कथित मुनाफे को बैंक खाते में निकालने (Withdraw) का प्रयास किया। जैसे ही उन्होंने निकासी की प्रक्रिया शुरू की, ठगों ने उनसे और अधिक 'प्रोसेसिंग फीस' या 'टैक्स' के नाम पर पैसों की मांग शुरू कर दी। जब पीड़ित ने पैसे देने से मना किया और अपना मूल धन वापस मांगा, तो ठगों ने अचानक उनसे सभी संपर्क तोड़ दिए और उनका नंबर ब्लॉक कर दिया। तब जाकर रविपाल को अहसास हुआ कि वे एक सोची-समझी साइबर साजिश का शिकार हो चुके हैं।

​पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, साइबर सेल सक्रिय

​ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित रविपाल पटेल ने कोतवाली थाने में अपनी आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात ठगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।

​इस हाई-प्रोफाइल ठगी की जांच के लिए बस्ती साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। साइबर एक्सपर्ट्स उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाल रहे हैं, जिनका इस्तेमाल इस ठगी को अंजाम देने के लिए किया गया था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय हैं या स्थानीय स्तर पर ही कोई गिरोह सक्रिय है।

​साइबर ठगों का नया हथियार: 'फेक ट्रेडिंग ऐप्स'

​विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल साइबर अपराधी प्ले स्टोर या थर्ड पार्टी वेबसाइट्स पर हूबहू असली दिखने वाले 'ट्रेडिंग ऐप्स' बनाकर लोगों को ठग रहे हैं। इन ऐप्स में यूजर को अपना पैसा बढ़ता हुआ दिखाई देता है, लेकिन असलियत में वह पैसा ठगों के सीधे बैंक खातों में जा रहा होता है।

​'बस्ती मंडल न्यूज़' की जनता से विशेष अपील

​यह घटना हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है। बस्ती मंडल न्यूज़ अपने पाठकों से अपील करता है कि:

  1. ​सोशल मीडिया पर मिलने वाले किसी भी "मुनाफा दोगुना करने" वाले विज्ञापन पर भरोसा न करें।
  2. ​शेयर मार्केट में निवेश हमेशा सेबी (SEBI) द्वारा अधिकृत ब्रोकर्स के माध्यम से ही करें।
  3. ​अनजान नंबरों से आने वाले व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप्स में शामिल न हों जो 'ट्रेडिंग टिप्स' देने का दावा करते हैं।
  4. ​यदि आपके साथ कोई साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

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