बस्ती में सगे चाचा की हत्या का आरोपी मोहम्मद रिजवान गिरफ्तार, अपहरण और दुष्कर्म जैसे गंभीर मुकदमों का भी है पुराना इतिहास

 



बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक वारदात के आरोपी को पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। सोनहा थाना क्षेत्र के कुरथिया गांव में अपने ही सगे चाचा की बेरहमी से हत्या करने के मामले में वांछित चल रहे शातिर अभियुक्त को पुलिस ने गुरुवार को घेराबंदी कर दबोच लिया। आरोपी की गिरफ्तारी न केवल इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा है, बल्कि क्षेत्र के एक पुराने अपराधी पर शिकंजा कसने की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है।

​सोनहा पुलिस की मुस्तैद टीम को मिली बड़ी कामयाबी

​हत्याकांड के बाद से ही आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर चल रहा था, जिसे पकड़ना स्थानीय पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। पुलिस अधीक्षक बस्ती के निर्देशानुसार अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत, सोनहा थानाध्यक्ष महेश सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था।

​उपनिरीक्षक जय प्रकाश पाण्डेय और उनकी टीम लगातार वांछित अभियुक्त की तलाश में दबिश दे रही थी। गुरुवार को सटीक मुखबिरी और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने ग्राम कुर्थिया निवासी मोहम्मद रिजवान (उम्र 20 वर्ष) को बस्ती क्षेत्र से उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह कहीं भागने की फिराक में था।

​सगे चाचा के खून से रंगे थे हाथ

​पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मोहम्मद रिजवान पर अपने ही सगे चाचा की हत्या का गंभीर आरोप है। पारिवारिक विवाद या किसी अन्य रंजिश के चलते अंजाम दी गई इस वारदात ने कुरथिया गांव सहित पूरे सोनहा क्षेत्र को दहला दिया था। हत्या के बाद से रिजवान फरार था, जिसे अब पुलिस ने अपनी कस्टडी में लेकर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय के समक्ष पेश किया।

​महज 20 साल की उम्र और अपराधों की लंबी फेहरिस्त

​हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार अभियुक्त मोहम्मद रिजवान की उम्र महज 20 वर्ष है, लेकिन उसका आपराधिक इतिहास किसी पुराने हिस्ट्रीशीटर जैसा डरावना है। पुलिस अभिलेखों की पड़ताल में सामने आया है कि रिजवान के खिलाफ सोनहा थाने में पहले से ही कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  1. मारपीट और बलवा: क्षेत्र में दबंगई और हिंसा फैलाने के मामले।
  2. अपहरण: किसी व्यक्ति को जबरन बंधक बनाने या गायब करने का गंभीर आरोप।
  3. दुष्कर्म: महिलाओं के विरुद्ध जघन्य अपराध की धाराओं में भी वह पहले से नामजद है।

​इतनी कम उम्र में इतने गंभीर अपराधों में संलिप्तता यह दर्शाती है कि आरोपी समाज के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ था।

​गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

​इस महत्वपूर्ण सफलता में सोनहा थानाध्यक्ष महेश सिंह, उपनिरीक्षक जय शंकर पाण्डेय और आरक्षी बसंत गौड़ की अहम भूमिका रही। पुलिस टीम की इस तत्परता की उच्चाधिकारियों ने भी सराहना की है।

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