अम्बेडकरनगर। जनपद में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर मचे हाहाकार के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। अपर जिलाधिकारी (ADM) रंजीत सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपभोक्ताओं को आगाह किया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, बल्कि आपूर्ति में आ रही बाधा का मुख्य कारण ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया का पूरा न होना है। आंकड़े चौंकाने वाले हैं—जिले के लगभग 87 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने गैस कनेक्शन का सत्यापन नहीं कराया है, जिसके चलते उन्हें सिलेंडर मिलने में कठिनाई हो रही है।
आंकड़ों की जुबानी: आपूर्ति और मांग का अंतर
गुरूवार को कलेक्ट्रेट में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अपर जिलाधिकारी रंजीत सिंह ने मार्च महीने का डेटा साझा किया। उन्होंने बताया कि:
- मार्च माह में कुल 2,27,000 उपभोक्ताओं ने एलपीजी सिलेंडर के लिए बुकिंग कराई थी।
- इनमें से 1,95,000 (14.2 किग्रा), 2,709 (19 किग्रा कमर्शियल) और 1,498 (5 किग्रा) सिलेंडरों की सफलतापूर्वक डिलीवरी की जा चुकी है।
प्रशासन का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं को बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल पाया, उनमें से अधिकांश का ई-केवाईसी अधूरा था। जिले में कुल 4,67,098 गैस कनेक्शन धारक हैं, जिनमें से 87,468 उपभोक्ताओं ने अभी तक अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
एडीएम की अपील: जल्द कराएं केवाईसी, वरना रुक जाएगी सप्लाई
अपर जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में अपील की है कि उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर तुरंत अंगूठा लगाकर या आधार के माध्यम से ई-केवाईसी सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के नियमों के अनुसार, बिना सत्यापन के गैस सब्सिडी और रिफिल की सुविधा बाधित की जा सकती है। "जिले में स्टॉक पर्याप्त है, बस उपभोक्ताओं को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी," एडीएम ने कहा।
पाइपलाइन गैस: बुकिंग के झंझट से मिलेगी मुक्ति
जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) शिवाकांत पांडेय ने इस दौरान एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अकबरपुर नगर पालिका के आधे दर्जन से अधिक वार्डों में 'टोरंटो गैस कंपनी' द्वारा पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) की पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।
- अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि जहाँ पाइपलाइन की सुविधा उपलब्ध है, वहाँ नए कनेक्शन लें।
- इससे न केवल सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी के इंतज़ार का झंझट खत्म होगा, बल्कि यह सुरक्षित और किफायती भी है।
कमर्शियल सप्लाई पर भी नजर
प्रशासन ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर रजिस्ट्रेशन के तहत वर्तमान में 20 प्रतिशत गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है। कालाबाजारी रोकने के लिए भी पूर्ति विभाग की टीमें लगातार गैस एजेंसियों के स्टॉक का मिलान कर रही हैं।
'बस्ती मंडल न्यूज़' का सुझाव: ऐसे कराएं ई-केवाईसी
अगर आप भी अम्बेडकरनगर के उन 87 हजार उपभोक्ताओं में शामिल हैं जिन्होंने केवाईसी नहीं कराई है, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
- अपनी गैस एजेंसी पर अपना आधार कार्ड और गैस पासबुक लेकर जाएं।
- बायोमेट्रिक (अंगूठा लगाकर) मशीन पर अपना सत्यापन पूरा करें।
- आप अपनी गैस कंपनी के मोबाइल ऐप (जैसे- MyLPG) के माध्यम से भी फेस ऑथेंटिकेशन का प्रयास कर सकते हैं।
बस्ती मंडल न्यूज़ जनता से अपील करता है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी पात्रता को कानूनी रूप से अपडेट रखें। प्रशासन की इस पहल से वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और जरूरतमंदों को समय पर गैस मिल सकेगी।

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