शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर): भ्रष्टाचार और कार्य में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शनिवार को तहसील समाधान दिवस के बाद डीएम ने अचानक तहसील के राजस्व निरीक्षक कक्ष का निरीक्षण किया। इस दौरान भारी लापरवाही मिलने पर उन्होंने संबंधित राजस्व लिपिक के विरुद्ध तत्काल विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
19 पत्रावलियां मिलीं लंबित, डीएम ने जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जब राजस्व अभिलेखों और लंबित फाइलों की जांच की, तो पाया कि धारा-24 से संबंधित 19 महत्वपूर्ण पत्रावलियां महीनों से लंबित पड़ी थीं। ये फाइलें उपजिलाधिकारी न्यायालय नहीं भेजी गई थीं। जांच में पता चला कि सेवानिवृत्त और स्थानांतरित हो चुके कानूनगो के नाम पर फाइलों को दबा कर रखा गया था। डीएम ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए फाइलों को तुरंत कोर्ट भेजने का आदेश दिया।
राजस्व लिपिक प्रदीप कुमार पर होगा एक्शन
कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप में डीएम ने राजस्व लिपिक प्रदीप कुमार के खिलाफ विभागीय जांच और कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट लहजे में कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी कर्मचारी काम में अड़ंगा लगाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
मौके पर मौजूद रहे अधिकारी
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ विवेकानंद मिश्र, तहसीलदार और अन्य राजस्व कर्मचारी मौजूद रहे। डीएम की इस अचानक कार्रवाई से पूरी तहसील में हड़कंप मचा हुआ है।

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