अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सहारे सरकारी नौकरी हथियाने वाली एक शिक्षिका पर प्रशासन का डंडा चला है। प्राथमिक विद्यालय मुजाहिदपुर में तैनात सहायक अध्यापिका के खिलाफ न केवल बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है, बल्कि पुलिस ने धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कर लिया है।
शिकायत से खुला 'फर्जीवाड़े' का खेल
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब नेहरू नगर निवासी प्रतिमा नामक महिला ने आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर शिक्षिका के दस्तावेजों को लेकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद विभाग ने जब जांच की कमान संभाली, तो एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हुए।
विश्वविद्यालय ने बताया अंकपत्र को 'अमान्य'
जांच के दौरान शिक्षिका द्वारा जमा किए गए श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलिया के बीएड (B.Ed) अंकपत्र को सत्यापन के लिए वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय भेजा गया। विश्वविद्यालय और महाविद्यालय, दोनों ने ही इस अंकपत्र को कूटरचित और अमान्य घोषित कर दिया। जिला विद्यालय निरीक्षक की रिपोर्ट में भी इसे अवैध पाया गया।
नियुक्ति तिथि से ही सेवा समाप्त
विभागीय नोटिसों का संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। फर्जी आधार पर पाई गई इस नौकरी को अवैध मानते हुए शिक्षिका की सेवा को नियुक्ति की तारीख से ही समाप्त कर दिया गया है। अब तक लिए गए वेतन की रिकवरी पर भी संशय बना हुआ है।
पुलिसिया कार्रवाई शुरू
थानाध्यक्ष अलीगंज, भूपेंद्र सिंह के अनुसार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस जालसाजी के पीछे के अन्य सुरागों की तलाश में जुटी है।

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