बस्ती मंडल न्यूज़ (संतकबीरनगर): फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाकर विदेश भागने का एक गंभीर मामला संतकबीरनगर जिले में सामने आया है। गोरखपुर के एक युवक ने खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के फर्जी पते पर पासपोर्ट जारी कराया और वर्तमान में वह बैंकॉक में रह रहा है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ की शिकायत पर हुई जांच में इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है।
नाम बदलकर बनवाया पासपोर्ट
जांच में सामने आया कि गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र के सिधारी गांव का रहने वाला राकेश यादव पुत्र रामनवमी यादव, संतकबीरनगर के ग्राम कसैला (खलीलाबाद) का फर्जी निवासी बनकर 'हरिकेश कुमार' के नाम से पासपोर्ट बनवाया था। यह पासपोर्ट 26 फरवरी 2020 को जारी किया गया था, जिसकी वैधता 2030 तक है।
मऊ के व्यक्ति ने खोली पोल
इस फर्जीवाड़े की शिकायत मऊ जिले के रहने वाले मुसाफिर शर्मा ने मई 2025 में लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय में की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राकेश यादव ने अलग-अलग नामों से कई पासपोर्ट बनवाए हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पासपोर्ट कार्यालय ने संतकबीरनगर एसपी को जांच के निर्देश दिए थे।
जांच में गांव से गायब मिला 'हरिकेश'
एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुशील कुमार सिंह ने जब कसैला गांव में जांच की, तो वहां 'हरिकेश कुमार' नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। ग्रामीणों और वार्ड सभासद ने भी ऐसे किसी व्यक्ति को पहचानने से इनकार कर दिया। वहीं, जब पासपोर्ट पर लगी फोटो की जांच राकेश यादव के मूल गांव (गोरखपुर) में की गई, तो ग्रामीणों और ग्राम प्रधान ने पुष्टि की कि फोटो में दिख रहा व्यक्ति राकेश यादव ही है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस की जांच में निवास प्रमाण पत्र के रूप में लगाया गया निर्वाचन कार्ड भी फर्जी पाया गया है। आरोपी राकेश यादव वर्तमान में बैंकॉक में है, जबकि उसके घर पर ताला लटका हुआ है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटकरण (फर्जी दस्तावेज तैयार करना) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बिचौलियों पर भी गिरेगी गाज
एएसपी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में शामिल स्थानीय बिचौलियों और सत्यापन करने वाले कर्मियों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य नामों का खुलासा हो सकता है।

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