खलीलाबाद, संतकबीर नगर। जनपद के खलीलाबाद कोतवाली परिसर में गुरुवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक 22 वर्षीय स्नातक युवती ने न्याय न मिलने से क्षुब्ध होकर आत्मदाह का प्रयास किया। कोतवाली के भीतर युवती द्वारा खुद पर पेट्रोल उड़ेलने की घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। माचिस जलाने से चंद सेकंड पहले एक महिला पुलिसकर्मी की मुस्तैदी ने युवती की जान बचा ली।
प्यार, शादी और फिर बड़ा धोखा
पीड़िता का आरोप है कि गांव के ही एक युवक के साथ उसका पिछले तीन वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवक ने वर्ष 2025 में उससे कोर्ट मैरिज और तामेश्वरनाथ मंदिर में शादी की थी। शादी के बाद आरोपी उसे दिल्ली और फिर मुंबई ले गया। युवती का आरोप है कि इस दौरान युवक ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और जब वह गर्भवती हुई, तो उसकी मर्जी के खिलाफ जबरन उसका गर्भपात करा दिया।
मुंबई से ट्रेन में बैठाकर भागा आरोपी
युवती की आपबीती रोंगटे खड़े कर देने वाली है। उसका आरोप है कि एक सप्ताह पूर्व युवक ने उसे मुंबई से अकेले ट्रेन में बैठाकर घर भेज दिया और अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। घर पहुँचने पर जब युवती ने ससुराल जाने की कोशिश की, तो युवक के परिजनों ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। पिछले छह दिनों से पीड़ित युवती युवक के घर के बाहर एक टिनशेड में रहने को मजबूर है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
आत्मदाह के प्रयास के पीछे पुलिस की कथित लापरवाही भी सामने आ रही है। युवती का आरोप है कि उसने कई बार स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और अपनी सुरक्षा व न्याय की गुहार लगाई, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो हारकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
प्रशासनिक कार्रवाई और काउंसलिंग
घटना के बाद कोतवाली पहुंचे उच्चाधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। कोतवाल जयप्रकाश दूबे ने बताया कि महिला थाने की एसओ को बुलाकर युवती को काउंसलिंग के लिए भेजा गया है। पुलिस ने आरोपी युवक के परिजनों को पूछताछ के लिए तलब किया है और मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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