सिद्धार्थनगर: उजड़ने से बचे 14 परिवार, महिला थाने की पहल पर 'बिछड़े' जोड़ों ने फिर थामा एक-दूसरे का हाथ

 



बस्ती मंडल न्यूज़ | संवाददाता: गोविंद कुमार

सिद्धार्थनगर। नवरात्रि के पावन पर्व पर जनपद के महिला थाने में खुशियों की नई शुरुआत हुई। परिवार परामर्श केंद्र की प्रभावी काउंसलिंग और समझदारी भरी पहल के चलते 14 ऐसे जोड़े, जो आपसी विवादों के कारण टूटने की कगार पर थे, वे फिर से एक हो गए। पुलिस की इस मानवीय पहल ने न केवल 14 घरों को बिखरने से बचाया, बल्कि समाज में संवाद और सुलह का एक बड़ा संदेश भी दिया है।

तलाक की दहलीज से लौटकर फिर हुए एक

​इन 14 जोड़ों के बीच लंबे समय से मनमुटाव, गलतफहमियां और पारिवारिक विवाद चल रहे थे। मामला पुलिस और परामर्श केंद्र तक पहुँच चुका था। परामर्श केंद्र की टीम ने धैर्यपूर्वक दोनों पक्षों की बातों को सुना और गहन काउंसलिंग के माध्यम से उनके बीच जमी बर्फ को पिघलाने का काम किया।

इन जोड़ों के जीवन में लौटी खुशहाली

​परामर्श के बाद बेनू-अरविन्द, यशोदा-प्रमोद, प्रमिला-राममोहन, नन्दनी-अभिषेक, आसमा-मकसूद, विनीता-अजय, नीलम-संदीप, खलीकुन्निशा-सलाहुद्दीन, लक्ष्मी-बृजेश, गीता-विजय, रुबी-मनोज, नन्दिनी-दीपू, उर्मिला-दुर्गेश और किरन-संगेश ने अपने पुराने मतभेद भुलाकर साथ रहने का संकल्प लिया।

परामर्श केंद्र की टीम का सराहनीय प्रयास

​महिला थाना की टीम ने प्रत्येक मामले को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ हैंडल किया। टीम ने पति-पत्नी को समझाया कि रिश्तों में आई दरार को केवल बातचीत और आपसी विश्वास से ही भरा जा सकता है। इसका परिणाम यह रहा कि सभी जोड़ों ने लिखित सहमति दी और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी-खुशी अपने घर रवाना हुए।

समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश

​नवरात्रि जैसे शुभ अवसर पर हुई यह सुखद घटना यह साबित करती है कि यदि ठंडे दिमाग से बातचीत की जाए, तो बड़े से बड़े विवाद सुलझाए जा सकते हैं। महिला थाने की इस सफलता की पूरे जिले में सराहना हो रही है।

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