बस्ती मंडल न्यूज़ | संवाददाता: गोविंद कुमार
सिद्धार्थनगर। जनपद में शुक्रवार को मौसम ने ऐसा करवट बदला कि अन्नदाताओं के चेहरे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। दोपहर 12 बजे से शुरू हुई तेज आंधी और झमाझम बारिश के साथ कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि हुई है। इस बेमौसम बरसात ने कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुँचाया है।
बढ़नी और इटवा में ओलों ने मचाई तबाही
जनपद के बढ़नी क्षेत्र में जहां मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, वहीं इटवा तहसील के महादेव घुरहू और आसपास के गांवों में ओले गिरने से फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। तेज हवाओं के झोंकों ने खड़ी फसल को गिरा दिया है, जिससे दानों के खराब होने और फसल सड़ने का खतरा बढ़ गया है।
30 प्रतिशत फसल कटाई के करीब, 60 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, जिले में लगभग 30 प्रतिशत गेहूं की फसल पककर तैयार है।
- अब तक हुई बारिश से करीब 10 प्रतिशत फसल प्रभावित हो चुकी है।
- यदि ओलावृष्टि और तेज हवा का सिलसिला जारी रहा, तो हरी फसलों को 30 से 60 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है।
- ओले गिरने से गेहूं की बालियां टूट गई हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर सीधा असर पड़ेगा।
मौसम विभाग का अलर्ट: अभी और बिगड़ सकता है मिजाज
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि शाम तक जिले में फिर से गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और ओले गिर सकते हैं। आसमान में छाए काले बादलों और रुक-रुक कर हो रही गर्जना ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। किसानों का कहना है कि ऐन कटाई के वक्त कुदरत की यह मार उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फेर देगी।
मुआवजे की मांग
प्रभावित क्षेत्रों के किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि लेखपालों के माध्यम से जल्द से जल्द फसल के नुकसान का सर्वे कराया जाए और पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए। सिद्धार्थनगर में फिलहाल राहत के आसार कम दिख रहे हैं और किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।

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