सावधान अभिभावक: क्या आपका बच्चा सुरक्षित है?



अम्बेडकरनगर। (संवाददाता: मृत्युंजय शर्मा) जनपद के स्कूलों में नौनिहालों को ढोने वाले वाहनों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग द्वारा चिन्हित किए गए जिले के 205 स्कूली वाहन ऐसे पाए गए हैं जिनकी फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है, फिर भी वे सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं। अब विभाग ने इन असुरक्षित वाहनों के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है।
​1 अप्रैल से शुरू होगा विशेष चेकिंग अभियान
​उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के निर्देशानुसार, आगामी 01 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश के साथ-साथ अम्बेडकरनगर में भी स्कूली वाहनों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) सत्येंद्र कुमार यादव ने साफ कर दिया है कि बच्चों की जान से खिलवाड़ करने वाले स्कूल प्रबंधकों और वाहन स्वामियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
​इन मानकों की होगी 'कड़ी' पड़ताल
​अभियान के दौरान केवल कागजों की ही नहीं, बल्कि वाहनों की भौतिक स्थिति की भी बारीकी से जांच होगी। विभाग मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर नजर रखेगा:
​अनिवार्य सुरक्षा उपकरण: जीपीएस (GPS), स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशामक यंत्र का सक्रिय होना।
​वैध दस्तावेज: फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, पंजीकरण और चालक का वैध कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस।
​कठोर दंडात्मक कार्रवाई: मानक विहीन पाए जाने पर मौके पर ही चालान, वाहन को सीज करने और परमिट निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
​स्कूल प्रबंधकों को विभाग की अंतिम चेतावनी
​परिवहन विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधन और निजी वैन संचालकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे अभियान शुरू होने से पहले ही अपने वाहनों की फिटनेस और सभी सुरक्षा मानकों को दुरुस्त कर लें। ओवरलोडिंग और अनफिट वाहनों पर लगाम कसने का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को शून्य करना है।

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