सिद्धार्थनगर: साइबर अपराध के पीड़ितों को बड़ी राहत, अब हर थाने में दर्ज होगी FIR, विशेष डेस्क और ट्रेनिंग शुरू

 



गोविंद कुमार, सिद्धार्थनगर बस्ती मंडल न्यूज़

सिद्धार्थनगर: जनपद में साइबर ठगी और डिजिटल अपराध के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा और जनहितैषी निर्णय लिया है। अब साइबर अपराध से जुड़ी प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने के लिए पीड़ितों को मुख्य साइबर थाने के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिले के हर थाना स्तर पर ही साइबर अपराध की प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और स्थानीय स्तर पर ही विवेचना भी शुरू होगी। इस नई व्यवस्था से पीड़ितों को तुरंत राहत मिलने और न्याय प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

पुराने सिस्टम से मुक्ति, बढ़े मामलों का दबाव

पहले साइबर अपराध की शिकायत केवल मुख्य साइबर थाने में ही दर्ज की जाती थी, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों के पीड़ितों को काफी परेशानी होती थी। आँकड़ों के मुताबिक, जिले में प्रतिमाह ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे लगभग 50 से अधिक मामले दर्ज होते हैं। इन बढ़ते मामलों ने स्थानीय पुलिस स्टाफ और थानों पर अतिरिक्त दबाव बना रखा था, जिसे देखते हुए यह बदलाव किया गया है।

नई व्यवस्था और पुलिस को विशेष प्रशिक्षण

इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए अब प्रत्येक थाने में साइबर मामलों के लिए एक अलग 'विशेष डेस्क' स्थापित की गई है। थानाध्यक्षों, इंस्पेक्टरों और उपनिरीक्षकों को साइबर अपराध, डिजिटल साक्ष्य जुटाने और तकनीकी जांच के नए व आधुनिक तरीकों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस संबंध में आयोजित कार्यशाला का संचालन दिल्ली से आए विख्यात साइबर विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टंडन ने किया, जिन्होंने पुलिसकर्मियों को बारीकियों से अवगत कराया।

त्वरित कार्रवाई और रिकवरी होगी तेज

स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज होने और विवेचना शुरू होने से साइबर अपराधियों तक जल्दी पहुँचने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षित दरोगा और सिपाहियों की टीमें तैयार की गई हैं, जो डिजिटल अपराधों की जांच करेंगी। जटिल मामलों में ही अब मुख्य साइबर थाने की मदद ली जाएगी। नई व्यवस्था से न केवल शिकायत तुरंत दर्ज होगी, बल्कि विवेचना थाने स्तर पर शुरू होने से रिकवरी प्रक्रिया भी तेज होगी।

विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील

वर्तमान में बैंकिंग फ्रॉड, ओटीपी और केवाईसी (KYC) अपडेट के नाम पर ठगी, सोशल मीडिया अकाउंट हैक करना, ऑनलाइन शॉपिंग और नौकरी-लोन के नाम पर धोखाधड़ी, फोटो एडिट कर ब्लैकमेल करना, वीडियो कॉल से धमकी और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी नई तरह की ठगियां आम हो गई हैं।

पुलिस की अपील:

एएसपी प्रशांत कुमार प्रसाद ने कहा, “हर थाना स्तर पर ही प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इससे पीड़ितों को तुरंत राहत मिलेगी और साइबर अपराध पर नियंत्रण करना आसान होगा।” पुलिस ने आम जनता से भी साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने और डिजिटल सुरक्षा के उपाय अपनाने की अपील की है।

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