सिद्धार्थनगर: विकास कार्यों में सुस्ती पर डीएम सख्त, जल जीवन मिशन और सड़कों की बदहाली पर अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार

 



गोविंद कुमार, सिद्धार्थनगर बस्ती मंडल न्यूज़

सिद्धार्थनगर: जनपद में सरकारी योजनाओं की कछुआ चाल और निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। गुरुवार को सिद्धार्थ सभागार में आयोजित 'मुख्यमंत्री डैशबोर्ड' और निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान जब विकास कार्यों की जमीनी हकीकत सामने आई, तो डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पेंशन और किसान योजनाओं की प्रगति देख भड़के डीएम

मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बलराम सिंह की मौजूदगी में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में विभागवार खामियां उजागर हुईं। समीक्षा में पाया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम योजना, छात्रवृत्ति और विभिन्न पेंशन योजनाओं की प्रगति लक्ष्य से काफी पीछे है। जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लाभार्थियों का सत्यापन अधूरा रहने के कारण पात्र लोग अब तक सरकारी लाभ से वंचित हैं, जो कि बेहद गंभीर विषय है।

विद्युत विभाग की लापरवाही पर सख्त निर्देश

बैठक में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। खराब ट्रांसफार्मर समय पर न बदले जाने और रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति न होने पर डीएम ने अधिशासी अभियंता को फटकार लगाई। सबसे गंभीर मुद्दा स्कूलों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों का रहा, जिन्हें अब तक नहीं हटाया गया है। डीएम ने इसे बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

सड़क और जल जीवन मिशन की खुली पोल

निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़कों की गुणवत्ता और अधूरे पड़े कार्यों पर कड़ी आपत्ति जताई गई। वहीं, जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत न होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को हो रही परेशानी पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर ओवरहेड टैंक बनकर तैयार हैं, लेकिन संचालन न होने से जनता को पानी नहीं मिल पा रहा है।

सिर्फ कागजों पर न दिखे विकास, जमीन पर उतरे योजनाएं

डीएम ने सोलर लाइट, एम्बुलेंस सेवा (102), डायलिसिस कार्यक्रम और पशु टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की कमजोर प्रगति पर संबंधित अधिकारियों को अंतिम चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाएं केवल कागजों और सीएमआईएस (CMIS) पोर्टल की फीडिंग तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।

चेतावनी:

जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि यदि अगली समीक्षा बैठक तक सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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