संतकबीरनगर: एससी-एसटी एक्ट के 'दुरुपयोग' पर भड़के प्रबंधक, निष्पक्ष जांच न होने पर आंदोलन की चेतावनी

 

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विद्यालय प्रबंधक महासभा ने SC-ST एक्ट पर निष्पक्ष जांच मांगी।


बस्ती मंडल न्यूज़ | संवाददाता: रविंद्र भट्ट

मेंहदावल (संतकबीरनगर)। उत्तर प्रदेश विद्यालय प्रबंधक महासभा की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार, 21 मार्च को डीएवी इंटर कॉलेज, मेंहदावल में आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष जय सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, बौरव्यास के प्रबंधक के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया गया। प्रबंधकों ने आरोप लगाया कि एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग कर उन पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है।

प्रबंधक बनाम कार्यवाहक प्रधानाचार्य: क्या है पूरा मामला?

​महासभा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, बौरव्यास के प्रबंधक के विरुद्ध वहां के कार्यवाहक प्रधानाचार्य द्वारा कथित रूप से मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। महासभा का मानना है कि यह कार्रवाई द्वेषपूर्ण भावना से प्रेरित है और अधिकारियों को इस मामले की तह तक जाकर निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

आंदोलन का अल्टीमेटम: "दबाव में न आए प्रशासन"

​बैठक में प्रबंधकों ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि:

  • ​यदि माध्यमिक शिक्षक संघ के दबाव में आकर जांच को प्रभावित किया गया, तो महासभा चुप नहीं बैठेगी।
  • ​जनपद संतकबीरनगर में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
  • ​महासभा का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिला प्रशासन से मिलकर अपनी मांगें रखेगा।

50 से अधिक प्रबंधकों की रही मौजूदगी

​मेंहदावल में हुई इस बैठक में जनपद के लगभग 50 प्रबंधक शामिल हुए। प्रमुख रूप से उदयभान यादव, आनंद कुमार पांडे, वीरेंद्र यादव, रामचंद्र शुक्ल, राम यादव, गंगा प्रसाद दुबे, राधे बाबू, रविशंकर पाण्डेय, अमरेश चतुर्वेदी सहित कई अन्य शिक्षाविद् और प्रबंधक मौजूद रहे।

प्रशासन से गुहार

​महासभा ने शासन और प्रशासन से अपील की है कि शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले ऐसे मुकदमों की बारीकी से समीक्षा की जाए ताकि निर्दोष को न्याय मिल सके और विद्यालयी वातावरण दूषित न हो।

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