बस्ती मंडल न्यूज़ | संवाददाता: रविंद्र भट्ट
बस्ती। जनपद में पिछले कई दिनों से रसोई गैस की किल्लत ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। शहर की गैस एजेंसियों पर रोजाना गैस सिलेंडरों के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। शुक्रवार को स्थिति और भी गंभीर हो गई, जब घंटों लाइन में लगने के बाद भी सैकड़ों उपभोक्ताओं को बिना गैस लिए ही घर वापस लौटना पड़ा।
सिविल लाइन और रौतापार में अफरा-तफरी, पुलिस तैनात
गैस संकट का सबसे बुरा असर सिविल लाइन स्थित कनक बिहारी गैस एजेंसी पर देखने को मिला। यहाँ सुबह से ही महिला और पुरुष उपभोक्ताओं की भारी भीड़ जमा थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। यहाँ पहले पर्ची काटी जा रही थी, जिसके बाद उपभोक्ताओं को एसपी आवास के सामने बने वितरण केंद्र से सिलेंडर लेना था। हालांकि, भारी अव्यवस्था के चलते कई लोगों को पर्ची मिलने के बाद भी अगले दिन आने का फरमान सुना दिया गया।
केवाईसी (KYC) और अचानक बढ़ी मांग बनी बड़ी वजह
गैस एजेंसियों के प्रबंधकों का कहना है कि आपूर्ति तो हो रही है, लेकिन मांग में अचानक भारी उछाल आया है।
- कनक बिहारी गैस एजेंसी के प्रबंधक सुभाष चंद्र शर्मा ने बताया कि कई उपभोक्ता जो लंबे समय से सक्रिय नहीं थे, वे भी अब अचानक गैस लेने पहुँच रहे हैं। इसके अलावा, KYC अपडेट न होने के कारण भी वितरण में बाधा आ रही है।
- वहीं, रौतापार स्थित श्रीराम गैस एजेंसी के प्रबंधक घनश्याम चौधरी ने जानकारी दी कि मांग का दबाव इतना अधिक है कि व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
जनता में भारी आक्रोश
एजेंसियों पर खाली हाथ लौटे उपभोक्ताओं का कहना है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी उन्हें गैस नहीं मिल रही है, जिससे उनके घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन और विभाग की सुस्ती के कारण उपभोक्ताओं को इस कड़ाके की धूप और भीड़ में धक्के खाने पड़ रहे हैं।

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