आउटसोर्सिंग कंपनी का ठेका निरस्त, फर्जी दस्तावेजों के खेल का भंडाफोड़



ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (बस्ती-संतकबीरनगर-सिद्धार्थनगर)

​बस्ती मंडल के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारियों की तैनाती करने वाली फर्म पर प्रशासन का बड़ा चाबुक चला है। निविदा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता और फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने महिस इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।

आयुक्त की जांच में खुली पोल

​मामला तब तूल पकड़ा जब पूर्व सेवा प्रदाता एडवेंट इन्फोमैक्स प्राइवेट लिमिटेड ने जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से हुई इस निविदा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई। आयुक्त, बस्ती मंडल के निर्देश पर गठित जांच समिति ने जब दस्तावेजों की पड़ताल की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 19 मार्च 2026 को हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह स्पष्ट हो गया कि फर्म द्वारा प्रस्तुत कागजात निविदा की शर्तों और सरकारी शासनादेशों के अनुरूप नहीं थे।

आयुक्त कार्यालय के निर्देश पर रद्द हुई निविदा

​जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त कार्यालय ने 23 मार्च 2026 को सख्त रुख अपनाते हुए पूरी निविदा प्रक्रिया को रद्द करने और नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था। इसी क्रम में संयुक्त शिक्षा निदेशक ने अब आधिकारिक तौर पर अनुबंध निरस्त करने का फरमान जारी कर दिया है।

कर्मियों के मानदेय पर क्या होगा असर?

​शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक जेम पोर्टल के माध्यम से नई कंपनी का चयन नहीं हो जाता, तब तक मंडल के तीनों जिलों (बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर) के विद्यालयों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय भुगतान वर्तमान फर्म (महिस इन्फोटेक) द्वारा ही सुनिश्चित किया जाएगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि विद्यालयों का शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो और कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।

अब पारदर्शी तरीके से होगी नई निविदा

​संयुक्त शिक्षा निदेशक ने अपने आदेश में कहा है कि बहुत जल्द जेम पोर्टल के माध्यम से नई निविदा आमंत्रित की जाएगी, जिसमें पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस कार्रवाई से मंडल के शिक्षा जगत और ठेकेदारी से जुड़े सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।

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