अम्बेडकरनगर | रिपोर्ट: मृत्युंजय शर्मा (बस्ती मंडल न्यूज़)
अम्बेडकरनगर जिले में रसोई गैस की भारी किल्लत ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। जहाँ एक तरफ प्रशासन जिले में गैस की कमी से साफ इनकार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता एक अदद सिलेंडर के लिए 5 से 6 दिनों तक इंतजार करने को मजबूर हैं। बस्ती मंडल न्यूज़ के रिपोर्टर मृत्युंजय शर्मा की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, गैस एजेंसियों पर सुबह 7 बजे से ही लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी लोग खाली हाथ लौट रहे हैं।
सर्वर ठप होने से ऑनलाइन बुकिंग का संकट
गैस संकट का सबसे बड़ा कारण कंपनियों के सर्वर का ठप होना बताया जा रहा है। अत्यधिक भार के कारण ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपभोक्ताओं को ओटीपी (OTP) नहीं मिल पा रहा है। मजबूरन लोग शहजादपुर की बाबा गैस एजेंसी सहित अन्य गोदामों पर ऑफलाइन बुकिंग के लिए उमड़ रहे हैं। बस्ती मंडल न्यूज़ की पड़ताल में सामने आया कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में होम डिलीवरी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
उपभोक्ताओं का छलका दर्द
- कैलाश बिहारी (शहजादपुर निवासी): "मैंने 10 मार्च को बुकिंग की थी, लेकिन 6 दिन बीत जाने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिला। सुबह 7 बजे से लाइन में लगा हूँ, लेकिन एजेंसी वाले कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे।"
- सलीम (उपभोक्ता): "9 मार्च की बुकिंग के बाद भी आज तक गैस नसीब नहीं हुई। एजेंसी को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे घंटों लाइन में खड़े लोगों को परेशान न होना पड़े।"
प्रशासन और हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर
एक तरफ जहाँ उपभोक्ता गैस के लिए दर-दर भटक रहे हैं और कानपुर जैसे शहरों में गैस की कीमत 350 रुपये किलो तक पहुँचने की खबरें आ रही हैं, वहीं अम्बेडकरनगर जिला प्रशासन का दावा है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। बस्ती मंडल न्यूज़ सवाल उठाता है कि यदि गैस की कमी नहीं है, तो फिर एजेंसियां होम डिलीवरी क्यों नहीं कर पा रही हैं और लोगों को 6-6 दिन का इंतजार क्यों करना पड़ रहा है?

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