नशीला पदार्थ पिलाकर करोड़ों की पुश्तैनी जमीन हड़पने का आरोप, दिव्यांग पति व बच्चों संग DM दफ्तर पहुंची महिला, न्याय की गुहार

 



ब्यूरो रिपोर्ट (संतकबीरनगर)।

जनपद के महुली थाना क्षेत्र में एक बेहद हैरान करने वाला और सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। यहां एक पीड़ित परिवार ने कुछ रसूखदारों पर कोल्ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर मानसिक स्थिति खराब करने और साजिश के तहत करोड़ों रुपये की पुश्तैनी जमीन को कौड़ियों के दाम रजिस्ट्री कराने का गंभीर आरोप लगाया है। सोमवार को न्याय की आस में पीड़ित महिला अपने दिव्यांग पति और मासूम बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची और जिलाधिकारी (DM) को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच व कार्रवाई की मांग की।

कोल्ड्रिंक में नशीला पदार्थ देकर मानसिक संतुलन बिगाड़ा

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, महुली निवासी सरिता गौड़ पत्नी दिलीप गौड़ ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनके पति दिलीप गौड़ (जो कि दिव्यांग हैं) की पुश्तैनी जमीन को हड़पने के लिए क्षेत्र के कुछ लोग काफी समय से जाल बिछा रहे थे। आरोप है कि साजिश के तहत दिलीप गौड़ को कोल्ड्रिंक में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया गया, जिससे उनकी मानसिक स्थिति असामान्य हो गई। इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने उनकी 21 बिस्सा कीमती जमीन की कथित तौर पर रजिस्ट्री अपने नाम करा ली।

3 करोड़ की जमीन की ₹3.93 लाख में रजिस्ट्री, वह भी यूपीआई से पार!

​पीड़िता सरिता गौड़ का दावा है कि जिस 21 बिस्सा भूमि की रजिस्ट्री कराई गई है, उसकी बाजार कीमत और सरकारी मालियत के अनुसार वर्तमान मूल्य लगभग 3 करोड़ रुपये है। जबकि दबंगों ने इस बेशकीमती जमीन की रजिस्ट्री महज 3 लाख 93 हजार रुपये में करा ली।

​मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री को वैध दिखाने के लिए आरोपियों ने उनके पति के बैंक खाते में ₹3.93 लाख ट्रांसफर तो किए, लेकिन बाद में चालाकी से उनका यूपीआई (UPI) आईडी चालू कर वह पूरी रकम भी वापस निकाल ली। यानी पीड़ित परिवार को जमीन के बदले फूटी कौड़ी भी नसीब नहीं हुई।

इन लोगों पर लगा साजिश रचने का गंभीर आरोप

​पीड़ित परिवार ने इस पूरी धोखाधड़ी और जालसाजी में क्षेत्र के कई नामजद लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  1. अर्जुन यादव (निवासी ग्राम महुली)
  2. मोनू श्रीवास्तव (निवासी ग्राम महुली)
  3. साजिद खान (निवासी ग्राम महुली)
  4. रणविजय यादव (निवासी भैसहिया)
  5. अब्दुल्लाह (निवासी महादेवा साजिरा) (इनके अलावा कुछ अन्य अज्ञात लोग भी इस साजिश में शामिल बताए जा रहे हैं।)

कलेक्ट्रेट में फूट-फूटकर रोया परिवार, प्रशासन ने दिया जांच का भरोसा

​इस जालसाजी के बाद आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुका पीड़ित परिवार कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी आपबीती सुनाते हुए भावुक हो गया। सरिता गौड़ ने जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए कहा कि जालसाजों ने उन्हें सड़क पर ला दिया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने और उनकी जमीन वापस दिलाने की मांग की है।

​इस संवेदनशील मामले पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया गया है कि मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

बस्ती मंडल न्यूज रिपोर्ट

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