डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)।
जनपद की डुमरियागंज तहसील परिसर में शनिवार को 'संपूर्ण तहसील समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुना। शासन की मंशा के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में मामलों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। मौके पर ही कई महत्वपूर्ण मामलों का समाधान कर फरियादियों को राहत दी गई।
कुल 50 शिकायतें दर्ज, राजस्व विभाग के 6 मामलों का मौके पर निस्तारण
समाधान दिवस के दौरान कलेक्ट्रेट और पुलिस प्रशासन के समक्ष कुल 50 शिकायतें दर्ज कराई गईं। हमेशा की तरह इस बार भी भूमि और पैमाइश से जुड़े मामलों की भरमार रही। विभागवार शिकायतों का विवरण इस प्रकार है:
- राजस्व विभाग: 35 शिकायतें (सर्वाधिक)
- पुलिस विभाग: 08 शिकायतें
- विकास विभाग: 02 शिकायतें
- अन्य विभाग: 05 शिकायतें
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सुनवाई के दौरान ही राजस्व विभाग से संबंधित छह जटिल मामलों का मौके पर ही निस्तारण करा दिया और संबंधित पक्षों को तुरंत राहत प्रदान की।
कागजी निस्तारण नहीं चलेगा, स्थलीय जांच करें: जिलाधिकारी
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पिछले तहसील समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों की प्रगति रिपोर्ट और निस्तारण आख्या का विस्तृत परीक्षण किया। कुछ मामलों में हीलाहवाली और अपेक्षित प्रगति न मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल एक जिला स्तरीय टीम गठित कर स्थलीय जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा:
"शिकायतों का समाधान केवल कागजी कार्रवाई या फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। अधिकारी स्वयं मौके पर जाएं, वास्तविक स्थिति की जांच करें और दोनों पक्षों की मौजूदगी में निष्पक्ष एवं न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करें।"
उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शेष शिकायतों को तीन दिनों के भीतर शत-प्रतिशत निस्तारण कर रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया है।
कानून-व्यवस्था के मामलों में त्वरित कार्रवाई हो: SP डॉ. अभिषेक महाजन
पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने भी पुलिस विभाग से जुड़े मामलों की गहनता से सुनवाई की। उन्होंने मातहतों को निर्देशित करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीड़ितों को न्याय के लिए अनावश्यक रूप से थानों या कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए पुलिस त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करे।

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