बस्ती: खुद को 'हाईकोर्ट का जस्टिस' बताकर अफसरों को धमकाने वाला गिरफ्तार; फर्जी आईडी और नकदी बरामद

 

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बस्ती मंडल न्यूज डेस्क | बस्ती

बस्ती पुलिस और सर्विलांस टीम ने एक ऐसे शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है, जो खुद को उच्च न्यायालय का न्यायाधीश (जस्टिस) बताकर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों पर काम कराने का दबाव बनाता था। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, नकदी और मोबाइल बरामद किए हैं।

पटेल चौक के पास से हुई गिरफ्तारी

​कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी विनय कुमार चौधरी (32) को 1 मई की रात करीब 10:25 बजे नेशनल हाईवे पर पटेल चौक के पास से दबोचा गया। आरोपी मूल रूप से थाना कोतवाली क्षेत्र के रैपुरा जंगल का रहने वाला है।

कैसे करता था जालसाजी?

​सीओ सदर सतेंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि आरोपी विनय कुमार सुनियोजित ढंग से विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कॉल करता था। वह फोन पर खुद को 'जस्टिस' बताता था ताकि अधिकारी दबाव में आकर उसका काम कर दें। पुलिस को जांच में उसके मोबाइल के एक सिम का नंबर भी 'जस्टिस' नाम से सेव मिला है।

बरामदगी की सूची

​तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • नकदी: 20 हजार भारतीय रुपये और 250 नेपाली रुपये।
  • इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: दो सिम वाला एंड्रायड मोबाइल और ब्लूटूथ ईयरफोन।
  • दस्तावेज: पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, तीन एटीएम कार्ड और अन्य पहचान पत्र।
  • अन्य: एक कलाई घड़ी।

पुलिस टीम की सफलता

​इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक मोतीचंद राजभर, निरीक्षक ऋतुन्जय यादव सहित कोतवाली और सर्विलांस सेल के जांबाज पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस जालसाज ने अब तक किन-किन अधिकारियों को अपना शिकार बनाया है और इसके पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ तो नहीं है।

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