बस्ती मंडल न्यूज डेस्क | संतकबीर नगर जनपद के सेमरियावां और बघौली ब्लॉक में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का बड़ा मामला सामने आया है। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सेमरियावां के बढ़या माफी और बघौली के पचपोखरी ग्राम प्रधानों के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
बढ़या माफी में 32.53 लाख का घोटाला सेमरियावां ब्लॉक के बढ़या माफी गांव में शहजाद नामक ग्रामीण की शिकायत पर हुई तकनीकी जांच (TAC) में भ्रष्टाचार की परतें खुलीं। जांच में पाया गया कि:
- मनरेगा: इस योजना में 30 लाख 89 हजार 446 रुपये की भारी वित्तीय अनियमितता की गई।
- वित्त आयोग: पंचम और 15वें वित्त मद से 1,64,293 रुपये का गबन किया गया।
इन्हें ठहराया गया दोषी: जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान अर्जुन प्रसाद, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव योगेन्द्र कुमार गौड़, चन्द्र प्रकाश, शिवमूरत मौर्य, तकनीकी सहायक रमेश चन्द गुप्ता और कंसल्टिंग इंजीनियर मनमोहन प्रजापति को दोषी मानते हुए विभागीय कार्रवाई और रिकवरी के आदेश दिए हैं।
पचपोखरी गांव में भी 4 लाख से अधिक का गबन बघौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत पचपोखरी में भी 10 परियोजनाओं में गबन की शिकायत सही पाई गई। इबरार खान और आफताब आलम की शिकायत पर हुई जांच में 4,02,508 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। जिलाधिकारी ने यहाँ भी प्रधान के अधिकार छीनते हुए सचिव के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया है।
DM का सख्त निर्देश: तीन सदस्यीय कमेटी संभालेगी कार्य जिलाधिकारी आलोक कुमार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोनों ब्लॉकों के बीडीओ (BDO) को निर्देश दिए हैं कि:
- विकास कार्यों के संचालन के लिए तत्काल तीन सदस्यीय समिति गठित करने का प्रस्ताव दें।
- दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
- गबन की गई पूरी धनराशि की वसूली (रिकवरी) सुनिश्चित की जाए।

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