बस्ती मंडल न्यूज डेस्क | अम्बेडकरनगर जनपद के जैतपुर थाना क्षेत्र के आशापार गांव में बीते 26 अप्रैल को हुई संतोष तिवारी की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि मृतक का सगा भतीजा ही निकला। पुलिस ने आरोपी मोनू उर्फ इंद्रमणि तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
कुल्हाड़ी से गर्दन पर किया था वार
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) डॉ. यशवीर सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 25-26 अप्रैल की दरमियानी रात को संतोष तिवारी बारात से लौटकर अपनी गौशाला के पास सो रहे थे। तभी आरोपी मोनू ने मच्छरदानी हटाकर उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में गर्दन कट जाने के कारण संतोष तिवारी की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के वक्त पास ही सो रही मृतक की पत्नी के जाग जाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया था।
हत्या की चौंकाने वाली वजह
पूछताछ के दौरान आरोपी मोनू ने बताया कि वह अपने चाचा से बेहद नाराज था। नाराजगी की मुख्य वजहें निम्नलिखित थीं:
- अपमान का बदला: मृतक अपने भतीजे मोनू को उसकी शराब पीने की लत के लिए सार्वजनिक रूप से डांटते और अपमानित करते थे।
- शादी में रुकावट: मोनू का आरोप है कि उसके चाचा लोगों के सामने उसकी बुराई करते थे, जिसकी वजह से उसकी शादी नहीं हो पा रही थी। इसी आक्रोश में उसने चाचा को रास्ते से हटाने का मन बना लिया।
घेराबंदी कर आरोपी गिरफ्तार
मृतक की पत्नी कमला देवी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। जैतपुर पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर आरोपी मोनू को आशापार ट्रांसफार्मर नहर पुलिया के पास से धर दबोचा। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार की जानकारी और अन्य साक्ष्य भी जुटा लिए हैं।

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