बस्ती मण्डल न्यूज़ डेस्क
अम्बेडकरनगर। जनपद में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने के खेल में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों पर विभाग का चाबुक चला है। जहांगीरगंज सीएचसी के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरियांव में चल रहे भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एएनएम (ANM) रामरती देवी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर अंजनी कुमार को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है।
ऑडियो रिकॉर्डिंग ने खोली भ्रष्टाचार की पोल
यह पूरा मामला राजेसुल्तानपुर के घिन्हापुर गांव निवासी पंकज कुमार की शिकायत पर उजागर हुआ। पंकज ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को साक्ष्यों के साथ शिकायत सौंपी थी। आरोप था कि स्वास्थ्य केंद्र पर अवैध रूप से जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के बदले एक से दो हजार रुपये की वसूली की जा रही है। शिकायतकर्ता ने पैसे की मांग से संबंधित एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी अधिकारियों को सौंपी थी, जो जांच में निर्णायक साबित हुई।
जांच में हुई अनियमितताओं की पुष्टि
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ डॉ. उदयचंद को जांच सौंपी थी। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि हुई और रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर अवैध उगाही की जा रही थी। रिपोर्ट के आधार पर एएनएम को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
निरस्त होंगे संदिग्ध प्रमाणपत्र
सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल ने बताया कि विभाग अब उन सभी जन्म प्रमाणपत्रों की स्क्रूटनी कर रहा है जो पिछले कुछ समय में इस केंद्र से संदिग्ध तरीके से बनाए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जांच में फर्जी पाए जाने वाले सभी प्रमाणपत्रों को तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा और भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

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