बस्ती। एक तरफ जहाँ बस्ती के स्टेशन रोड पर रत्नाकर गैस एजेंसी के बाहर उपभोक्ता एक-एक सिलेंडर के लिए पूरी रात फुटपाथ पर गुजार रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गैस एजेंसियों के कर्मचारी ही सिलेंडरों की बंदरबांट और कालाबाजारी में जुटे हुए हैं। आपूर्ति विभाग और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 'सन इंडेन गैस एजेंसी' के डिलीवरी वाहन से अवैध रूप से ले जाए जा रहे 19 घरेलू गैस सिलेंडरों को बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मुखबिर की सटीक सूचना पर टोल प्लाजा के पास बिछाया जाल
गैस किल्लत के बीच कालाबाजारी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर था। सहायक क्षेत्रीय अधिकारी (ARO) अशोक कुमार मिश्र और कोतवाली प्रभारी मोतीचंद को सूचना मिली कि एक डिलीवरी वैन में घरेलू गैस सिलेंडरों की बड़ी खेप अवैध रूप से खपाने के लिए ले जाई जा रही है।
सूचना मिलते ही पूर्ति निरीक्षकों और पुलिस की टीम ने बस्ती टोल प्लाजा से करीब 200 मीटर पहले 'सन इंडेन एजेंसी' के पास घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध डिलीवरी वैन वहां पहुँची, टीम ने उसे रोक लिया। तलाशी लेने पर वाहन के भीतर 14.2 किलोग्राम के 19 घरेलू गैस सिलेंडर (16 भरे और 3 खाली) पाए गए, जिनका कोई वैध रिकॉर्ड या रूट चार्ट मौजूद नहीं था।
रंगे हाथों धरे गए आरोपी: एजेंसी के ही निकले तार
पुलिस ने मौके से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- संत कुमार पुत्र रामकृपाल, निवासी बड़े बन (सल्लू कबाड़ी के पास), थाना कोतवाली।
- संतोष पुत्र जयराम, निवासी मरवटिया साउघाट, थाना कोतवाली।
पकड़े गए अभियुक्तों से पूछताछ में पता चला है कि ये सिलेंडर आम उपभोक्ताओं के हक को मारकर ऊंचे दामों पर होटलों या अन्य व्यावसायिक स्थानों पर बेचने की फिराक में थे। 'सन इंडेन एजेंसी' के वाहन का इस अवैध कार्य में इस्तेमाल होना एजेंसी संचालकों की भूमिका पर भी बड़े सवाल खड़े करता है।
"जनता की रसोई से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं" - प्रशासन के कड़े तेवर
इस कार्रवाई में पूर्ति निरीक्षक सदर प्रवीण कुमार पांडेय और कुदरहा पूर्ति निरीक्षक अनुराग श्रीवास्तव भी शामिल रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब जिले में ई-केवाईसी और अन्य तकनीकी कारणों से आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे समय में सिलेंडरों की चोरी और कालाबाजारी एक जघन्य अपराध है। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है।
'बस्ती मंडल न्यूज़' का कड़ा रुख: आखिर कब तक लुटेगी जनता?
अभी कल ही बस्ती मंडल न्यूज़ ने प्रमुखता से दिखाया था कि कैसे रत्नाकर गैस एजेंसी के बाहर लोग मच्छरदानी लगाकर सो रहे हैं। आज इस बरामदगी ने यह साबित कर दिया है कि जिले में गैस की उतनी किल्लत नहीं है, जितना कि भ्रष्टाचार ने इसे पैदा किया है।
- सवाल 1: क्या गैस एजेंसी मालिकों की मिलीभगत के बिना यह कालाबाजारी संभव है?
- सवाल 2: क्या आपूर्ति विभाग केवल छोटी मछलियों को पकड़कर शांत बैठ जाएगा या बड़े मगरमच्छों (एजेंसी संचालकों) पर भी कार्रवाई होगी?

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