अंबेडकरनगर कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी: आधिकारिक ईमेल पर आई सूचना से मचा हड़कंप, पुलिस का भारी सर्च ऑपरेशन

 



अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जनपद से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ जिला न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। न्यायालय के आधिकारिक ईमेल आईडी पर प्राप्त इस धमकी भरे संदेश ने न केवल पुलिस महकमे में खलबली मचा दी, बल्कि अधिवक्ताओं और फरियादियों के बीच भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया। हालांकि, घंटों चले सघन तलाशी अभियान के बाद पुलिस ने स्थिति को सुरक्षित बताया है।

​ईमेल मिलते ही हरकत में आया प्रशासन

​घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस बल बिना किसी देरी के सक्रिय हो गए। क्षेत्राधिकारी (सीओ) नितीश तिवारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल, डॉग स्क्वायड और सुरक्षा उपकरणों के साथ कचहरी परिसर पहुँचा। न्यायालय की सुरक्षा को देखते हुए तुरंत सभी गेटों पर पहरा कड़ा कर दिया गया और आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सघन तलाशी शुरू की गई।

​चप्पे-चप्पे की हुई तलाशी: दहशत में रहे अधिवक्ता और वादकारी

​सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस की टीमों ने न्यायालय भवन के प्रत्येक कमरे, न्यायाधीशों के कक्ष, और अधिवक्ता चैंबरों की बारीकी से जांच की। इसके अलावा, परिसर में खड़े वाहनों और संदिग्ध दिखने वाले बैगों को भी खंगाला गया।

​काफी देर तक चली इस जांच प्रक्रिया के दौरान कचहरी में कार्य करने आए अधिवक्ताओं और अपने मुकदमों के सिलसिले में पहुँचे वादकारियों के चेहरे पर डर साफ देखा जा सकता था। पुलिस ने पूरी सावधानी बरतते हुए परिसर के हर कोने, झाड़ियों और डस्टबिन तक की जांच की, ताकि किसी भी अनहोनी की गुंजाइश न रहे।

​जांच में कुछ नहीं मिला, राहत की सांस

​सर्च ऑपरेशन के समापन पर क्षेत्राधिकारी नितीश तिवारी ने मीडिया को जानकारी दी कि पूरे परिसर को बारीकी से खंगाला गया है, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कचहरी परिसर पूरी तरह सुरक्षित है और स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस की इस तत्परता ने बड़ी राहत दी है, जिसके बाद कोर्ट का कामकाज धीरे-धीरे सामान्य पटरी पर लौटा।

​साइबर सेल के रडार पर 'धमकी भरा ईमेल'

​भले ही तलाशी में कुछ नहीं मिला, लेकिन पुलिस इस धमकी को महज़ एक अफवाह मानकर शांत बैठने को तैयार नहीं है। इस डिजिटल धमकी के पीछे किसका हाथ है, इसकी जांच के लिए साइबर सेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

  • ​साइबर एक्सपर्ट्स उस ईमेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर रहे हैं जिससे यह संदेश भेजा गया था।
  • ​पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह किसी शरारती तत्व की करतूत है या इसके पीछे किसी अपराधी या गिरोह की सोची-समझी साजिश है।

​सुरक्षा व्यवस्था में किया गया इजाफा

​अंबेडकरनगर कोर्ट परिसर में सुरक्षा घेरा अब पहले से अधिक मजबूत कर दिया गया है। प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर और पुलिस कर्मियों की मुस्तैदी बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन ने आम जनमानस से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु को देखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें और घबराएँ नहीं।

​बस्ती मंडल के जिलों के लिए भी चेतावनी

​अंबेडकरनगर की इस घटना ने पड़ोसी जिलों जैसे बस्ती, संत कबीर नगर और सिद्धार्थनगर के प्रशासन को भी अलर्ट रहने का संदेश दिया है। सार्वजनिक स्थानों और न्यायालयों जैसी संवेदनशील जगहों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा अब अनिवार्य हो गई है।

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