सिद्धार्थनगर | रिपोर्ट: गोविंद कुमार (बस्ती मंडल न्यूज़)
सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बेवा में सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। बस्ती मंडल न्यूज़ के रिपोर्टर गोविंद कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, इस शिविर में क्षेत्र की 48 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें निशुल्क परामर्श और दवाइयां दी गईं।
डॉ. रेखा सिन्हा के नेतृत्व में हुआ परीक्षण
शिविर में महिला चिकित्सक डॉ. रेखा सिन्हा के नेतृत्व में चिकित्सा टीम ने महिलाओं की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान 6 ऐसी महिलाएं मिलीं, जो 'हाई रिस्क' (उच्च जोखिम) श्रेणी में थीं। इन महिलाओं में खून की भारी कमी (एनीमिया) पाई गई, जिन्हें तत्काल चिकित्सीय उपचार और विशेष खान-पान की सलाह दी गई है।
क्या हैं उच्च जोखिम के लक्षण?
डॉ. रेखा सिन्हा ने बस्ती मंडल न्यूज़ के माध्यम से जानकारी दी कि:
- गंभीर एनीमिया (खून की कमी)
- उच्च रक्तचाप (High BP)
- भ्रूण का असामान्य होना
- प्लेसेंटा का विकृत होना ये सभी लक्षण मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। शिविर का मुख्य उद्देश्य इन लक्षणों को शुरुआती दौर में ही पहचान कर जच्चा-बच्चा को सुरक्षित रखना है।
समय पर जांच है जरूरी
प्रशासन का लक्ष्य है कि गर्भावस्था के दौरान ही जोखिम वाले मामलों की पहचान कर उन्हें जरूरत पड़ने पर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जा सके। सोमवार को आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने लाभ उठाया।

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