सिद्धार्थनगर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर जनपद की पुलिस ने समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है। पारिवारिक कलह और आपसी विवादों के कारण अलगाव की कगार पर पहुँच चुके 9 परिवारों को महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केंद्र ने फिर से एक कर दिया। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित विशेष काउंसलिंग सत्र के बाद इन दंपतियों ने पुरानी कड़वाहट भुलाकर नई शुरुआत करने का संकल्प लिया।
SP अभिषेक महाजन की मौजूदगी में हुआ 'मिलन'
इस सराहनीय पहल के दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार और क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे। एसपी ने परिवार परामर्श केंद्र की टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि छोटे-मोटे विवादों के कारण घर उजड़ना समाज के लिए बड़ी क्षति है। संवाद और समझाइश से किसी भी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।
महिला थाना टीम की मेहनत लाई रंग
महिला थाना प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पांडे के नेतृत्व में 'मिशन शक्ति' और परामर्श केंद्र की टीम ने इन दंपतियों की कई दौर की काउंसलिंग की। टीम ने पति-पत्नी दोनों पक्षों की बातें सुनीं और उन्हें साथ रहने के महत्व को समझाया।
काउंसलिंग टीम के मुख्य सदस्य:
- उपनिरीक्षक रामनारायण शुक्ला
- महिला हेड कांस्टेबल आशा गौड़
- महिला आरक्षी प्रियंबदा सिंह, संगीता गौतम, प्रगति राय, शिवानी सिंह और रीना।
इन 9 जोड़ियों के जीवन में लौटी खुशियाँ
काउंसलिंग के बाद जिन दंपतियों को पुलिस अधिकारियों ने उपहार और शुभकामनाओं के साथ विदा किया, उनमें शामिल हैं:
- लक्ष्मी और विजय (दरौली)
- सोनाली और सीताराम (चेचराफ)
- सुषमा और अजय (नागचौरी)
- रोजी और अल्ताफ (कल्याणपुर)
- पूनम और हनुमान (टिकुर)
- नाजिया और अरशद अहमद (बेलउखपुरवा)
- निर्मला और विनय (धौरी कुइयां)
- महिमा और अमित (टिघरा)
- रोशनी और गोवर्धन (नीबीदोहनी)

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