सियासी 'महायुद्ध': विधायक सैयदा खातून का राघवेंद्र सिंह पर पलटवार, बोलीं- 'राक्षस तो वो खुद हैं'

फाइल फोटो सपा विधायक सैयदा खातून


सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज की राजनीति में होली के रंग इस बार सांप्रदायिक और सियासी ताप में बदल गए हैं। पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा 'राक्षसों के वध' वाले विवादित बयान के बाद अब क्षेत्र की वर्तमान विधायक सैयदा खातून ने मोर्चा खोल दिया है। सैयदा खातून ने राघवेंद्र सिंह पर तीखा हमला करते हुए उन्हें खुद 'राक्षस' करार दे दिया है, जिससे जिले के सियासी गलियारों में जबरदस्त हलचल मच गई है।

क्या था विवादित बयान?

​बीते 5 मार्च को शाहपुर स्थित हिंदू भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा था, “राक्षसों का वध करने के लिए संकल्प लिया करिए और जब राक्षस नहीं रहेंगे तो सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा।” उनके इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद इसमें एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगा, जिसे लेकर अब सपा विधायक ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

सैयदा खातून का करारा हमला: 'सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश'

​डुमरियागंज विधायक सैयदा खातून ने पूर्व विधायक के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल केवल सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सार्वजनिक मंच से खुलेआम अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल हो रहा है, तो अब तक कोई कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? विधायक ने चेतावनी दी कि संविधान सभी को समान अधिकार देता है और किसी भी समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने भी घेरा

​विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और इटवा विधायक माता प्रसाद पांडे ने भी इस बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि राजनीति में संवाद और शालीनता होनी चाहिए, लेकिन किसी समुदाय को अपमानित करना लोकतंत्र के खिलाफ है। सपा कार्यकर्ताओं में भी इस बयान को लेकर भारी आक्रोश है और क्षेत्र की चौपालों से लेकर सोशल मीडिया तक यह बहस का मुद्दा बन गया है।

पहले भी विवादों से रहा है पुराना नाता

​यह पहली बार नहीं है जब राघवेंद्र प्रताप सिंह अपने बयानों के कारण विवादों में आए हों। चुनाव के नजदीक आते ही इस तरह की बयानबाजी ने क्षेत्र के सियासी समीकरणों को गरमा दिया है। जानकारों का मानना है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में यह 'राक्षस' वाला बयान एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है।


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