सिद्धार्थनगर: कलश यात्रा के दौरान मातम, राप्ती नदी में डूबने से दो सगे दोस्तों की मौत

 



बस्ती मंडल न्यूज़ | संवाददाता: गोविंद कुमार

सिद्धार्थनगर। जनपद के भवानीगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान बड़ी त्रासदी हो गई। मां दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा एवं श्री राम कथा के उपलक्ष्य में निकाली गई कलश यात्रा के दौरान राप्ती नदी में जल भरने गए दो युवकों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद भड़रिया गांव में उत्साह का माहौल मातम में बदल गया है।

जल भरने के दौरान हुआ हादसा

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, नवयुवक रामलीला समिति भड़रिया बाजार द्वारा आयोजित कलश यात्रा भड़रिया कस्बे से सुवानाला राप्ती नदी तक जल भरने के लिए गई थी। दोपहर करीब 3:30 बजे, जब यात्रा नदी तट पर पहुँची, तो भड़रिया निवासी विकास (22) पुत्र कन्हैया और शिवम (17) पुत्र लल्लू यादव स्नान करने के लिए नदी में उतर गए। नहाते समय दोनों युवक गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूबने लगे।

ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाले शव

​साथ मौजूद अन्य युवकों के शोर मचाने पर भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। काफी खोजबीन और कड़े प्रयासों के बाद दोनों को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। घटना की सूचना मिलते ही भवानीगंज थाना अध्यक्ष बृजेश सिंह और नायब तहसीलदार डुमरियागंज विष्णु प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, क्षेत्र में शोक

​मृतक शिवम अभी पढ़ाई कर रहा था, वहीं विकास एक छोटी दुकान चलाकर अपने परिवार का सहारा बना हुआ था। दोनों युवकों की असमय मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के अनुरोध और संभ्रांत नागरिकों की उपस्थिति में पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम के पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शवों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया है।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

​ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा दुख और आक्रोश है कि धार्मिक आयोजनों और घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। लोगों का मानना है कि यदि नदी किनारे बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड होते, तो शायद इन दो होनहार युवाओं की जान बचाई जा सकती थी।

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