ब्यूरो रिपोर्ट | बस्ती मंडल न्यूज़
संतकबीर नगर। जनपद के विकास भवन में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बस्ती से आई एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण) टीम ने डीपीआरओ (DPRO) कार्यालय में तैनात एक बाबू को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। बस्ती मंडल न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी बाबू ने एक सफाईकर्मी से उसकी पूर्ण बहाली और रुके हुए वेतन के भुगतान के एवज में 30 हजार रुपये की घूस मांगी थी।
क्या है पूरा मामला?
महुली थाना क्षेत्र के कोहना निवासी पीड़ित सुधीर सिंह पंचायती राज विभाग में सफाई कर्मचारी हैं और पौली ब्लॉक के ग्राम पंचायत सेंवईपार में तैनात थे।
- पृष्ठभूमि: मार्च 2025 में फैजाबाद में जालसाजी के एक मामले में गिरफ्तारी के बाद सुधीर को निलंबित कर दिया गया था। जेल से छूटने के बाद जून में विभाग ने उन्हें अंतरिम रूप से बहाल कर दिया था।
- घूस की मांग: पीड़ित सुधीर का आरोप है कि उनकी पूर्ण बहाली, एरियर (बकाया) और रुके हुए वेतन के भुगतान की फाइल आगे बढ़ाने के लिए डीपीआरओ कार्यालय में तैनात बाबू राजन कुमार ने 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
ऐसे बिछाया गया जाल
लगातार मानसिक रूप से परेशान होने के बाद सुधीर सिंह ने 13 मार्च को बस्ती एंटी करप्शन टीम से इसकी शिकायत की। शिकायत का संज्ञान लेते हुए प्रभारी उदय प्रताप सिंह यादव के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया और जाल बिछाया गया।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे जैसे ही सुधीर सिंह ने विकास भवन स्थित कार्यालय में आरोपी बाबू राजन कुमार को पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये थमाए, पहले से मुस्तैद एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
आरोपी बाबू भेजा गया जेल
कार्यालय में गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी बाबू राजन कुमार को कोतवाली ले आई। यहाँ आवश्यक लिखा-पढ़ी और कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। विकास भवन जैसी जगह पर हुई इस बड़ी कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

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