बस्ती मंडल न्यूज़ | संवाददाता: गोविंद कुमार
जोगिया (सिद्धार्थनगर)। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के पास शनिवार को एक मानवीय चेहरा सामने आया। छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुई एक 50 वर्षीय महिला के लिए डॉक्टर पंकज और उनकी टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एम्बुलेंस के भीतर ही प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। महिला की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
पैर फिसलने से 8 फीट नीचे गिरीं इंदुमती
मिली जानकारी के अनुसार, जोगिया निवासी इंदुमती (50) अपने घर की छत से नीचे उतर रही थीं, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया। संतुलन बिगड़ने के कारण वह लगभग 8 फीट की ऊंचाई से सीधे जमीन पर आ गिरीं। गिरने की आवाज और चीख सुनकर परिजन मौके पर दौड़े और तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें CHC जोगिया ले गए।
डॉक्टर की संवेदनशीलता: एम्बुलेंस ही बना 'इलाज कक्ष'
दर्द से कराहती इंदुमती को जब अस्पताल लाया गया, तो उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए समय बर्बाद किए बिना डॉ. पंकज अपनी टीम के साथ खुद एम्बुलेंस तक पहुँच गए। उन्होंने स्ट्रेचर से उतारने से पहले ही एम्बुलेंस के अंदर प्राथमिक जांच और जरूरी उपचार शुरू कर दिया।
रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट की आशंका
प्रारंभिक जांच के बाद डॉ. पंकज ने बताया कि इंदुमती को रीढ़ की हड्डी (Spine) के पास गंभीर चोटें आई हैं। बेहतर न्यूरो और ऑर्थोपेडिक उपचार की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और तीमारदारों ने डॉक्टर के इस त्वरित और सेवाभावी कार्य की जमकर सराहना की।
टीम वर्क ने बचाई जान
इस आपातकालीन स्थिति में डॉ. पंकज कुमार के साथ चीफ फार्मासिस्ट एस. नारायण, सोमनाथ पांडे, रोहित, संगीता, अनीता और अनिल मोहन सहित पूरी मेडिकल टीम सक्रिय रही। अस्पताल प्रशासन के इस रुख ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति एक सकारात्मक संदेश दिया है।

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