गोविंद कुमार| बस्ती मंडल न्यूज़
सिद्धार्थनगर। जनपद के डुमरियागंज थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मालीमैनहा निवासी अब्दुल मोईद ने बुधवार, 18 मार्च को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अभिषेक महाजन से मुलाकात कर एक शिकायती पत्र सौंपा है। बस्ती मंडल न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित का आरोप है कि भू-माफियाओं के दबाव में पुलिस ने विवेचना की दिशा मोड़ दी है और जमीन हड़पने की नीयत से उन्हें एक फर्जी आपराधिक मुकदमे में फंसाया जा रहा है।
क्या है पूरा जमीनी विवाद?
पीड़ित अब्दुल मोईद ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि यह पूरा विवाद ग्राम बंजरहवा की जमीन से जुड़ा है:
- गाटा संख्या 372 का खेल: वर्ष 2012 में नूरूल हसन ने यह जमीन असलम के नाम बैनामा कर दी थी, जिसके बाद नूरूल का इस जमीन पर कोई अधिकार नहीं रह गया था।
- फर्जी बैनामा: आरोप है कि इसके बावजूद वर्ष 2019 में उसी जमीन का दोबारा बैनामा अफशा खातून के नाम कर दिया गया। उपजिलाधिकारी (SDM) डुमरियागंज की 7 दिसंबर 2021 की रिपोर्ट में भी इस दूसरे बैनामे को फर्जी करार दिया जा चुका है।
पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
मोईद का सबसे बड़ा आरोप थाना डुमरियागंज पुलिस की जांच पर है। उनका कहना है कि:
- मूल विवाद गाटा संख्या 372 का था, लेकिन पुलिस ने वादी पक्ष को फायदा पहुंचाने के लिए विवेचना में गाटा संख्या 380 को भी जबरन शामिल कर लिया।
- पीड़ित पिछले 10 वर्षों से गाटा संख्या 380 पर काबिज होकर खेती कर रहा है और इस भूमि से विपक्षी का कोई लेना-देना नहीं है।
- विपक्षी पक्ष अपने आरोपों को साबित नहीं कर सका, तो पुलिस की मिलीभगत से मारपीट और गाली-गलौज की एक मनगढ़ंत कहानी रचकर फर्जी मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
SSP ने दिया न्याय का आश्वासन
अब्दुल मोईद ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किसी अन्य अधिकारी से कराने की गुहार लगाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने तत्काल प्रभाव से इस प्रकरण की जांच एडिशनल एसपी प्रशांत कुमार को सौंप दी है। एसएसपी ने पीड़ित को आश्वस्त किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कड़ी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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