अम्बेडकरनगर में अचानक बदला मौसम: बूंदाबांदी से लौटी ठंडक, लेकिन किसानों के माथे पर खिंची चिंता की लकीरें

 



बस्ती मंडल न्यूज़ | संवाददाता: मृत्युंजय शर्मा

अम्बेडकरनगर। जनपद में शुक्रवार को प्रकृति के दो अलग रूप देखने को मिले। एक तरफ जहाँ अचानक हुई बूंदाबांदी ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी और वातावरण में ठंडक घोल दी, वहीं दूसरी तरफ इस बेमौसम बरसात ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सुबह से ही आसमान में डेरा डाले काले बादलों ने 9 बजते-बजते बरसना शुरू कर दिया।

गर्मी हुई गायब, फिर निकले गर्म कपड़े

​शुक्रवार सुबह से ही सूर्यदेव बादलों की ओट में छिपे रहे। गरज-चमक के साथ हुई हल्की बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में एकाएक गिरावट दर्ज की गई। आलम यह था कि सड़कों पर दुपहिया वाहन चालक और आम लोग एक बार फिर जैकेट और गर्म कपड़ों में नजर आए। चिलचिलाती धूप से परेशान लोगों के लिए यह मौसम सुहावना रहा, लेकिन बाजारों में अचानक आई बारिश से अफरा-तफरी का माहौल भी दिखा।

तैयार फसलों पर मंडराया संकट

​मौसम का यह मिजाज आम जनमानस के लिए भले ही राहत भरा हो, लेकिन अन्नदाताओं के लिए किसी आफत से कम नहीं है। खेतों में गेहूं और सरसों की फसलें पककर तैयार खड़ी हैं। किसानों का कहना है कि:

  • ​यदि बारिश और तेज होती है या ओलावृष्टि होती है, तो तैयार फसल बर्बाद हो सकती है।
  • ​हवा के साथ बारिश होने से गेहूं की फसल गिर सकती है, जिससे दाने काले पड़ सकते हैं या फसल सड़ सकती है।

बिजली की गड़गड़ाहट के साथ बदला मिजाज

​सुबह करीब 9 बजे तेज गर्जना और बिजली की चमक के साथ शुरू हुई बूंदाबांदी ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। फिलहाल आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे आने वाले घंटों में और अधिक बारिश की संभावना जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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