अम्बेडकरनगर। रंगों के त्योहार होली पर इस बार अम्बेडकरनगर जनपद में शराब की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री दर्ज की गई है। महज दो दिनों के भीतर जिले के शौकीनों ने लगभग 3 करोड़ 50 लाख रुपये की शराब गटक ली। यह आंकड़ा सामान्य दिनों की तुलना में दो से तीन गुना अधिक बताया जा रहा है, जिससे आबकारी विभाग के खजाने में भारी राजस्व जमा हुआ है।
3 मार्च से ही दुकानों पर उमड़ी भीड़
जनपद में होली का मुख्य पर्व 4 मार्च को मनाया गया, लेकिन इसकी तैयारी शराब की दुकानों पर 3 मार्च से ही दिखने लगी थी। सुबह से लेकर देर रात तक ठेकों पर खरीदारों की लंबी कतारें लगी रहीं। आलम यह था कि अंग्रेजी शराब के कई पसंदीदा ब्रांड दुकानों पर तेजी से खत्म हो गए और लोग अपने मनपसंद ब्रांड के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान भटकते नजर आए।
होली की शाम फिर पकड़ी रफ्तार
प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार, होली के दिन (4 मार्च) सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शराब की दुकानें बंद रखी गई थीं। हालांकि, जैसे ही शाम को दुकानें खुलीं, एक बार फिर जाम छलकने का सिलसिला शुरू हो गया। दुकानों के बाहर भारी भीड़ जुट गई और देर रात तक जमकर बिक्री हुई।
स्टॉक भी पड़ा कम, गोदामों पर उमड़े दुकानदार
त्योहार के अगले दिन जिले के शराब गोदामों पर भी असामान्य हलचल देखी गई। दुकानों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो जाने के कारण दुकानदार भारी मात्रा में माल उठाने पहुंचे। आबकारी विभाग के अनुसार, इस बार अंग्रेजी शराब की मांग सबसे अधिक रही, जिसके कारण पहले से किया गया अतिरिक्त स्टॉक भी कम पड़ गया।
जिला आबकारी अधिकारी अखिलेश सिंह ने आंकड़ों की पुष्टि करते हुए बताया कि होली के इस सीजन में जिले में लगभग 3.50 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बिक्री में दो से तीन गुना तक का उछाल आना स्वाभाविक है और इस बार भी वही रुझान देखने को मिला है।

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