अम्बेडकरनगर। जनपद की टांडा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। 3 मार्च को हुए सनसनीखेज लकड़ी व्यवसायी सुरेंद्र मांझी हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरी वारदात के पीछे लूट और धोखेबाजी की एक खौफनाक कहानी सामने आई है, जिसमें आरोपी ने लूट का माल हड़पने के लिए अपने ही साथी की जान ले ली।
मुठभेड़ में पैर में लगी गोली, अस्पताल में भर्ती
टांडा पुलिस को शुक्रवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि हत्याकांड का मुख्य आरोपी सुंदर हाईवे के पास से गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही टांडा थानाध्यक्ष दीपक सिंह रघुवंशी ने सर्विलांस टीम के साथ घेराबंदी की। संदिग्ध बाइक सवार को जब पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रेमचंद उर्फ चंदू निवासी छांगुरपुर मिश्रौलिया (टांडा) के रूप में हुई है।
लूट के लिए हत्या और फिर साथी को दिया जहर
पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ वह चौंकाने वाला है। 3 मार्च को टांडा के जनार्दनपुर गांव के बाहर लकड़ी व्यवसायी सुरेंद्र मांझी की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। इस वारदात को प्रेमचंद उर्फ चंदू और उसके साथी अरविंद प्रजापति ने मिलकर अंजाम दिया था। हत्या के बाद उन्होंने व्यवसायी से सोने की चेन और नकदी लूट ली थी।
हैरानी की बात यह है कि लूट का पूरा माल अकेले हड़पने की नीयत से मुख्य आरोपी प्रेमचंद ने अपने ही साथी अरविंद प्रजापति को जहर देकर मौत के घाट उतार दिया।
बरामदगी और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
दो सोने की चेन (लूट की)
नकदी और एक मोबाइल फोन
अवैध असलहा और कारतूस
टांडा कोतवाली पुलिस के अनुसार, घटना के बाद क्षेत्राधिकारी ने तीन टीमों का गठन किया था। आरोपी प्रेमचंद पर पहले से ही हत्या और लूट के गंभीर आरोप थे। फिलहाल उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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