ब्यूरो रिपोर्ट | संतकबीर नगर
संतकबीर नगर जिले की महत्वपूर्ण नगर पंचायत धर्मसिंहवा इन दिनों एक बड़ी बुनियादी समस्या से जूझ रही है। क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र होने के बावजूद यहाँ एक भी राष्ट्रीयकृत बैंक (Nationalized Bank) की शाखा नहीं है। आलम यह है कि करोड़ों के टर्नओवर वाले इस कस्बे के व्यापारियों और ग्रामीणों को एक अदद एटीएम (ATM) तक नसीब नहीं है, जिसके कारण पूरा क्षेत्र बैंकिंग सेवाओं के लिए छटपटा रहा है।
5 से 15 किमी की 'खतरनाक' दौड़
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को बड़े लेन-देन के लिए 5 से 15 किलोमीटर दूर दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। वर्तमान में पूरी बैंकिंग व्यवस्था का बोझ अकेले यूपी बड़ौदा बैंक पर है। व्यापारियों का कहना है कि कई बार एक लाख रुपये जैसी मामूली जरूरत पड़ने पर भी बैंक में नकदी की किल्लत हो जाती है।
- सुरक्षा का जोखिम: कैश निकालने या जमा करने के लिए दूर जाने पर 'छिनैती' और लूट का डर बना रहता है।
- समय और धन की बर्बादी: बैंकिंग कार्य के लिए पूरा दिन बर्बाद होता है और अतिरिक्त यात्रा व्यय भी उठाना पड़ता है।
तीन दर्जन गांवों का व्यापारिक केंद्र है धर्मसिंहवा
धर्मसिंहवा केवल एक कस्बा नहीं, बल्कि सिद्धार्थ नगर और संतकबीर नगर के बॉर्डर पर स्थित एक बड़ा बाजार है। यहाँ:
- सिद्धार्थ नगर के गांव: बेलहरा, भगतपुरवा, सप्ती नानकार, पटहरा, फतेहपुर।
- स्थानीय गांव: सेवाइचपार, छिबरा, बेलराई, भनवापुर, बरगदवा, सिकरी, पुनया, हकीम राई आदि। इन तीन दर्जन से अधिक गांवों के लोग थोक और फुटकर खरीदारी के लिए इसी कस्बे पर निर्भर हैं।
"व्यापारिक केंद्र होने के बावजूद नेशनल बैंक न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। अश्वनी, रघुनाथ, प्रमोद जायसवाल और जयराम सोनी जैसे स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एटीएम और बैंक न होने से व्यापार ठप पड़ रहा है।"
विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने संभाला मोर्चा
जनता की इस जायज मांग पर क्षेत्रीय विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया है कि वह जल्द ही केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिखकर धर्मसिंहवा में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने की मांग करेंगे।
विधायक का आश्वासन: "धर्मसिंहवा की बढ़ती आबादी और व्यापारिक महत्व को देखते हुए यहाँ नेशनल बैंक की नितांत आवश्यकता है। मैं व्यक्तिगत रूप से इसके लिए प्रयास कर रहा हूँ ताकि जल्द ही नागरिकों को इस समस्या से निजात मिल सके।"

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